गलती तहसीलदार की, भुगत रहे किसान, एक के बाद एक नोटिस आ रहे हैं- kolaras News

कोलारस। शिवपुरी जिले में सूखा राहत 2017 में तहसीलदारों ने आरबीसी 6/4 में नियम विरूद्ध भुगतान की स्वीकृती प्रदान कर दी गई। जबकि एक किसान के खाते में 60 हजार रूपए से कम की प्रशासनिक स्वीकृति थी तो फिर तहसीलदारों द्वारा किसान के खातों में 60 हजार  से अधिक की राशि क्यों डाली गई? जिसकी जानकारी किसानों को भी नहीं हैं। लेकिन अब किसानों के पास अधिकारियों द्वारा बसूली के नोटिस भेजकर उन पर रिकवर्री निकाली जा रही हैं।

यहां उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि वर्ष 2017 में सूखा राहत में किसानों को राशि वितरित की गई हैं। आरबीसी 6/4 के प्रावधानों के अनुसार एक कृषक को 60 हजार रूपए से अधिक के भुगतान की स्वीकृति नहीं दी जा सकती लेकिन शिवपुरी जिले की सभी तहसीलों में तहसीलदारों द्वारा एक कृषक को 60 रूपए से अधिक के आदेश स्वीकृत किए हैं। जबकि जिलाधीश द्वारा इस मामले की जांच कराई गई तो। जिन किसानों के खातों में 60 हजार रूपए से अधिक की राशि जारी की गई हैं उन किसानों से रिकवर्री नोटिस जारी किए गए हैं।

इस संबंध में पटवारियों द्वारा भी किसानों की सही तरीके से जांच नहीं की गई। जिससे अब किसान परेशान हो रहा हैं। स्पष्ट रूप से यह सिद्ध होता हैं कि बिना किसी नियमानुसार तहसीलदारों द्वारा 60 हजार रूपए से अधिक की राशि की स्वीकृति कैसे प्रदान की गई हैं। यह कहीं न कहीं जांच की जद में आना चाहिए। क्योंकि यह प्रशासनिक स्वीकृति स्थानीय तहसीलदार द्वारा एक किसान के खाते में 60 हजार रूपए से अधिक की राशि कैसे जारी कर दी गई।

इन किसानों को थमाए नोटिस

कोलारस तहसील के अंतर्गत इन किसानों को पता ही नहीं हैं उनके खाते में 60 हजार रूपए से अधिक की राशि आई हैं, लेकिन इन किसानों को अनुविभागीय अधिकारी के निर्देशन में तहसीलदार द्वारा नोटिस दिए गए हैं। जिनमें श्रीमती शांति देवी पत्नि भगवत सिंह ग्राम बेंटा, आमोल सिंह पुत्र प्राण सिंह ग्राम मड़ीखेड़ा, हरवीर सिंह पुत्र चांद सिंह कनावदा, रामसिंह-विश्व सिंह पुत्र चांद सिंह रघुवंशी निवासी ग्राम कनावदा, कपूरी पत्नि रामसिंह रघुवंशी निवासी कनावदा, घासीराम पुत्र खुमना ग्राम कनावदा शामिल हैं।