नई कलेक्ट्रेट के लिए 40 परिवारों की रोटी पर सकंट, जारी हुए नोटिस: दुकानदारों ने कहा हमने पैसा दिया हैं, फ्री में नही ली जमीन- Shivpuri News

शिवपुरी। पुराने रोड़वेज बस स्टेंड की भूमि जिला प्रशासन द्वारा हाउसिंग बोर्ड को लीज पर दे दी गई है। इस जमीन पर वर्षो से लगभग आधा सैकड़ा दुकानदार स्टॉल रखकर व्यापार चला रहे हैं। उक्त जमीन हाउसिंग बोर्ड को लीज पर दिए जाने के पश्चात नगर पालिका ने उक्त दुकानों को हटाने के लिए संबंधित दुकानदारों को नोटिस दे दिए हैं।

नोटिस में दुकानदारों को तीन दिन के अंदर अपना स्टॉल नगर पालिका के सुपुर्द करने को कहा गया है। नगर पालिका ने दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया है कि निर्धारित अवधि में स्टॉल हटाकर जमीन का कब्जा नगर पालिका को नहीं सौंपा गया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे दुकानदारों में हड़कम्प मच गया है। नोटिस की तामिली न हो इसलिए बहुत से दुकानदार दुकान बंद करके चले गए हैं।

माधव चौक के पास स्थित पुराने रोडवेज बस स्टेंड पर पहले बस स्टेंड संचालित था। इस जगह पर बहुत से होटल आदि बने हुए थे। लेकिन अब बस स्टेंड पोहरी रोड पर स्थानांतरित हो गया है और उक्त भूमि जिला प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड को लीज पर दे दी है। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने जब उक्त जमीन का निरीक्षण किया तो उसमें बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पाया गया। जिसके चलते वह उक्त जमीन का उपयोग करने में असमर्थता महसूस कर रहे हैं।

हाउसिंग बोर्ड ने नगर पालिका को उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कहा। जिसके तारतम्य में नगर पालिका ने 40 दुकानदारों को स्टॉल खाली कर नगर पालिका को सौंपने के निर्देश दिए। बताया जाता है कि नोटिस की तामीली अभी तक 26 दुकानदारों पर हुई है तथा शेष दुकानदार तामीली से बचने के लिए दुकान बंद कर चले गए हैं।

कुछ दुकानदारों के दुकानें बनवाने के लिए नपा में पैसे जमा, वहीं कुछ पर पट्टा

पुराने बस स्टेंड में रोड साईड की दुकान संचालित करने वाले कुछ लोगों ने बताया कि उक्त जमीन पर नगर पालिका ने दुकानें बनाकर उन्हें देने का आश्वासन दिया था और इस आश्वासन पर पूर्व नपाध्यक्ष राधा गर्ग के कार्यकाल में दुकानदारों के 30-30 हजार रूपए नगर पालिका में जमा है। ऐसी स्थिति में उन्हें कैसे उक्त जगह से बेदखल किया जा सकता है।

वहीं 4 दुकानदारों ने बताया कि उनके पास मध्यप्रदेश राज्यपरिवहन निगम द्वारा दिया गया पट्टा है। ऐसे में उन्हें नोटिस दिया जाना और अतिक्रामक बताए जाने गलत है। अब देखना यह हैं जिन 9 दुकानदारों ने जिन्होंने पूर्व में राशि नगर पालिका को जमा कराई हैं उनका क्या होगा। इन सभी दुकानदारों ने मन बना लिया हैं या तो नगर पालिका प्रशासन हमें दुकान बनाकर दे या फिर वर्षो से जमा राशि की व्याज सहित पैसा वापस करें तो ही हम दुकानें हटायेंगे।

बस स्टेंड के सामने बनी नपा की दुकानों का क्या होगा?

रोडवेज बस स्टेंड के सामने नगर पालिका ने भी दुकानें बना रखी हैं और उनका आवंटन भी हो चुका है। वहां दुकानदार व्यापार भी कर रहे हैं। उक्त जमीन भी बताया जाता है कि हाउसिंग बोर्ड को सौंप दी गई है। जहां हाउसिंग बोर्ड ने मॉल बनाने का फैसला लिया है। ऐसी स्थिति में सवाल यह है कि क्या उक्त मॉल पर दुकानदारों को दुकान मिलेगी अथवा नहीं।

नगर पालिका ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का दिया नोटिस

मुख्य नगर पालिका अधिकारी शैलेष अवस्थी ने नोटिस में दुकानदारों को अवगत कराया है कि उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बिना वैद्यानिक स्वीकृति के अवैध गुमटी रख ली है। उनका यह कृत्य नगर पालिका अधिनियम की धारा 187 एवं 223 के तहत अवैद्यानिक है। अत: तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाएं अन्यथा नगर पालिका प्रशासन द्वारा हटा दिया जाएगा और हर्जा-खर्चा वसूल किया जाएगा।

नई कलेक्ट्रेट बनाने के लिए हाउससिंग बोर्ड ने दिया है 23 करोड

नई कलेक्ट्रेट को बनवाने प्रशासन ने हाउसिंग बोर्ड से यह सौदा कर लिया कि पुराने बस स्टैंड की जमीन लेने के बदले में नई कलेक्ट्रेट बनाकर देगा। इसकी सभी दस्तावेजी तैयारी पूरी कर ली गई और बहुत जल्द नई कलेक्ट्रेट बनाने का काम हाउसिंग बोर्ड शुरू कर देगा। पीआइयू ने नई कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग का नक्शा आदि भी तैयार करके शासन को भेज दिया।

नई कलेक्ट्रेट बनाने के लिए 23 करोड रूपए का खर्चा आ रहा हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है, इसलिए यह सौदा तय किया कि नई कलेक्ट्रेट को बनाने में आ रहे 23 करोड़ रुपए के खर्चे को हाउसिंग बोर्ड वहन करेगा, लेकिन उसके बदले में पुराने रोडवेज की जमीन हाउसिंग बोर्ड को दे दी जाएगी।

शहर के बीच स्थित उक्त जमीन को हाउसिंग बोर्ड अपने अंडर कस्टडी लेकर उसका जो भी व्यवसायिक उपयोग करेगी, उसमें प्रशासन को किसी तरह की आपत्ति नहीं रहेगी। उदाहरण स्वरूप हाउसिंग बोर्ड उस जमीन पर मॉल या मार्केट बनाकर उसकी सेल करके जो भी इनकम होगी, उससे नई कलेक्ट्रेट का खर्चा निकल जाऐगा। इसी क्रम में बस स्टैड की जमीन खाली कराने नोटिस दिए गए हैं।