गांव के ही तीन आरोपियों ने 15 लाख की फिरौती के लिए किया था 6 वर्षीय का अपहरण, गिरफ्तार- Shivpuri News

शिवपुरी।
खबर जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के भावखेडी गांव से आ रही है। जहां बीते दो दिन पहले हुए एक 6 वर्षीय मासूम के अपहरण के मामले का आप पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने गांव के तीन आरोपीयों को हिरासत में लिया है। जिसमें एक युवक गांव में ही पुलिस के हर मूमेंट की खबर आरोपीयों को देता रहा।

जानकारी के अनुसार हरिओम यादव पुत्र दामोदर यादव उम्र 6 साल का गांव का ही आरोपी भूरा यादव बिस्किट खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया और उसेे लेकर पास ही स्थिति सरसों के खेत में ले गया। जहां आरापी भूरा ने इस मामले की सूचना अपने साथी सुनील शाक्य और अकल यादव निवासी भावखेडी को दी। उसके बाद सुनील यादव वहां आ गया और आरोपी भूरा ने अपने मोबाईन नंबर मोबाईल न.9109032328 से फोन आया था बोल रहा था कि बच्चा हरिओम मेरे पास है। पैसे तैयार रखना , ज्यादा होशियारी नही करना इसके बाद फोन बन्द कर लिया। मासूम के परिजनों को फोन कर फिरौती की बात कहते हुए पुलिस को बताने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी।

जिसपर परिजनों ने तत्काल पुलिस को इस मामले की सूचना सिरसौद थाना प्रभारी राजेन्द्र शर्मा को दी। राजेन्द्र शर्मा ने तत्काल इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल को दी। एसपी राजेश सिंह चंदेल तत्काल मौके पर पहुंचे और उस नंबर की जानकारी जुटाई तो नंबर गांव के पास के ही गांव के युवक के नाम रजिस्टर निकला। जिसपर पुलिस ने उक्त मोबाईल की लोकेशन निकलवाकर मासूम की खोज में जुट गए। पुलिस की घेराबंदी को देख आरोपी मासूम को रोड किनारे छोडकर भाग गए।

जिसपर पुलिस ने लोकेशन के आधार पर आरोपी भूरा यादव को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो सामने आया कि उसने दो साथी सुनील शाक्य और अकल यादव ने मोबाईल के जरिए फर्जी सिम के जरिए बच्चे के अपहरण की योजना बनाई। जिसमें आरोपीयों ने बच्चे के एवज में 15 लाख रूपए फिरौती लेने की योजना बनाते हुए इस बारदात को अंजाम दिया।

जिसपर पहले तो भूरा बच्चे को लेकर सरसों के खेत में रहा। उसके बाद उसने सुनील को बुला लिया और वह बच्चे को सुनील के पास खेत में छोडकर गांव में चला गया। जिससे गांव में किसी को कोई शक न हो। साथ ही वह अपने मबेशीयों को चारा पानी करने के बाद मासूम के परिजनों के बीच बैठकर बापिस खेत में पहुंच गया। और अपने साथी अकल यादव परिजनों के बीच रहा। जहां से वह पुलिस के हर मूंमेंट की खबर आरोपीयों को देता रहा। जिसपर पुलिस ने इस मामले के तीनों आरोपीयों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां न्यायालय ने तीनों आरोपीयों को जेल भेज दिया।