पंचायत चुनाव: 12,500,000 रू का फायदा हुआ लुटेरे विभाग को- Shivpuri News

शिवपुरी। पंचायत चुनाव निरस्त होने के कारण भले ही जिले में 6 हजार प्रत्याशियो की उम्मीदो पर पानी फिर गया हो,लेकिन मप्र के लूट करने की मान्यता प्राप्त विभाग बिजली कंपनी को अवश्य सवा करोड का फायदा हो गया हैं। पंचायत चुनाव के नामांकन भरने के लिए बिजली कंपनी का नो ड्यूज करना आवश्यक था इस कारण प्रथम चरण और द्धतीय चरण मे चुनाव लडने के लिए बकाया बिजली का बिल भरना पडा और इस इस प्रक्रिया में बिजली विभाग के पास बिना मांगे ही सा सो करोड रूपए जमा हो गए।

जैसा कि विदित हैं कि जिला पंचायत,जनपद सदस्य,सरपंच सदस्य,सरपंच और पंच का चुनाव लडने के लिए नामाकंन फार्म के साथ बिजली कंपनी का नो-ड्यूज लगाना था। नेता बनने की दौड में शामिल लोेग नही चाहते थे इस कारण वह सभी पूर्ती अपने कागजो में की जो चुनाव आयोग ने नामांकन के साथ मांगे थे उसमें से बिजली विभाग की बकाया रााशि का नो-ड्यूज शामिल था इस कारण लोगो ने लाइन में लगकर बिजली कंपनी का पैसा जमा कराया।

सरकारी वेबसाइट के आंकडों के अनुसार पहले चरण के लिए 3057 और दूसरे चरण के लिए 3334 उम्मीदवारों ने फॉर्म भरे थे। इसमें से कुछ फॉर्म समीक्षा के दौरान निरस्त भी हो गए। चार पदों के लिए करीब छह हजार प्रत्याशी मैदान में हैं। जमानत राशि के लिए ही इन्होंने 60 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। जिले में पहले और दूसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य के चार, जनपद सदस्य के 30, सरपंच के 124 और पंच के 2708 पदों के लिए चुनाव होने हैं।

वहीं दूसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य के छह, जनपद सदस्य के 54, सरपंच के 152 और पंच के 3374 पदों पर चुनाव होना है। मजे की बात यह है कि प्रत्याशियों ने इन दिनों में चुनाव जीतने के लिए हर पैंतरा आजमा लिया है। पानी की तरह रुपये इस दौरान बहाए गए हैं। राजनीति से जुड़े लोगों की मानें तो पांच करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर चुके हैं। यह राशि पोस्टर-बैनर बनवाने, कैलेंडर छपवाने, भंडारे व सामूहिक भोज सहित नामांकन भरने के दौरान शक्ति प्रदर्शन में किए गए हैं।