गुड न्यूज: शिवपुरी में खुलेगा कृषि कॉलेज, 200 बीघा जमीन 100 करोड की आवश्यकता, शासन को भेजा प्रस्ताव

शिवपुरी। कृषि कॉलेज खोलने के लिए करीब 200 बीघा जमीन की जरूरत पड़ेगी और लगभग 100 करोड़ रु. भी खर्चा आएगा। कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर ने प्रस्ताव बनाकर भेजा है, जिसे सरकार मंजूर करती है तो शिवपुरी को जल्द ही पहला कृषि कॉलेज मिल जाएगा। चार जिले के छात्रों के साथ-साथ स्थानीय किसानों को भी फायदा होगा।

कोलारस विधायक रघुवंशी का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस संबंध में कृषि मंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं। आने वाले बजट में सभी विधायकों से भी पांच प्राथमिक काम मांगे जाते हैं। इसलिए अपनी तरफ से कृषि कॉलेज की मांग रखेंगे। सीएम से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर कॉलेज को मंजूरी दिलाने की पहल करेंगे।


बैठक में शामिल कोलारस विधायक वीरेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि पिछली बैठक में उन्होंने तीन जिले शिवपुरी, गुना, अशोकनगर में से एक जगह कृषि कॉलेज खोलने की मांग रखी थी। ग्वालियर में शुक्रवार की बैठक में में पास हुए प्रस्तावों में शिवपुरी में कृषि कॉलेज भी शामिल था। यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

बता दें कि विधायक रघुवंशी 6 अक्टूबर 2021 को सीएम शिवराज सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी कॉलेज के संबंध में पत्र लिखकर मांग रख चुके हैं। दरअसल कृषि विश्व विदयालय जबलपुर और राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विवि ग्वालियर अलग हुए थे। इन 13 साल में ग्वालियर में एक भी कृषि कॉलेज नही खुला और जबलपुर में 5 कृषि कॉलेज खुल चुके है,जिनमे छिंदवाडा में दो,होशंगाबाद के पावरखेडा,सागर के खुरई सागर के गढाकोटा कॉलेज शामिल हैं।

यह कहना हैं विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी का
कृषि कॉलेज खोलने के लिए करीब 200 बीघा जमीन की जरूरत पड़ेगी और लगभग 100 करोड़ रु. भी खर्चा आएगा। कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर ने प्रस्ताव बनाकर भेजा है, जिसे सरकार मंजूर करती है तो शिवपुरी को जल्द ही पहला कृषि कॉलेज मिल जाएगा। चार जिले के छात्रों के साथ-साथ स्थानीय किसानों को भी फायदा होगा।

कोलारस विधायक रघुवंशी का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस संबंध में कृषि मंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं। आने वाले बजट में सभी विधायकों से भी पांच प्राथमिक काम मांगे जाते हैं। इसलिए अपनी तरफ से कृषि कॉलेज की मांग रखेंगे। सीएम से भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर कॉलेज को मंजूरी दिलाने की पहल करेंगे।