राष्ट्रपिता की जंयती पर स्वछता अभियान: गदंगी में डूबी रही गांधी मांर्केट, नेता व झाड़ू की फोटो होती रही वायरल- Shivpuri News

प्रिन्स प्रजापति बैराड़। देश में सात साल पहले 2014 को 2 अक्टूबर से गांधी जयंती से स्वच्छता अभियान की शुरुआत हुई थी, उसी दिन शहर में गंदगी का आलम नजर आया देशभर में जोरशोर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। गांधी जयंती के मौके पर दो अक्टूबर को राज्य, जिलों और तहसीलों को ओडीएफ घोषित करने की होड़ लगी है गांधी जयंती पर हर तरफ स्वच्छता की बात होती नजर आती रही हैं।

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी और तहसील तक के पदाधिकारी,नप अधिकारी कर्मचारी स्वच्छता पर आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं,स्वच्छता पर भाषणों का दौर जारी है, लेकिन एक बड़ा सवाल है कि क्या जिस स्वच्छ भारत की हम बात कर रहे हैं वह भारत सचमुच स्वच्छता की ओर बढ़ रहा है

आम दिनों की बात छोड़ दीजिये,महात्मा गांधी जी के जन्मदिन के दिन तो कम से कम नगर सहित सार्वजनिक जगहों को साफ होना चाहिए, लेकिन आज भी ऐसा नहीं हुआ। स्वच्छता से संबंधित गांधी के उपदेशों को बैनरों और पोस्टरों में चस्पा कर फिर से खानापूर्ति कर दी गयी।

बात शिवपुरी जिले की सबसे भ्रष्ट और पिछड़ी तहसील बैराड़ की करें तो यहां स्वच्छ भारत अभियान जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रही है हम आपके सामने दो तस्वीरें रख रहे हैं जो स्वच्छता अभियान की पोल खोलने के लिए काफी है नगर परिषद बैराड़ के कई वार्ड तो ऐसे है जहां जब से लोग रह रहे है तब से आज तक कभी झाड़ू ही नही लगाई गई है कीचड़ में सनी हुई रास्तों से गुजरकर जाना लोगो के लिए एक असहनीय बन चुका है लेकिन नगर परिषद कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को तो फोटो और हवा-हवाई से फुर्सत कहां है

बैराड़ में गांधी जयंती पर गंदगी में डूबी रही गांधी मार्केट

नगर तो नगर बैराड़ के सार्वजनिक स्थलो पर तक कोई साफ सफाई नही की गई नगर में पुराने हाई स्कूले के पास स्थित गांधी मार्केट की साफ सफाई तक नही की गई वहां आए दिनों गंदगी का अंबार देखने को मिलता ही है नेताओं द्वारा वहां आकर फोटो तो खिचवा लिया और 2-4 झाड़ू भी मार दिए लेकिन कहते है न नेता तो नेता होते है गांधी मार्केट में गंदगी का अंभार पसरा हुआ है

नेता केबल झाड़ू पकड़कर फोटो खिंचवाने तक ही सीमित

बैराड़ नगर परिषद क्षेत्र में बात करें नेता, जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि तो केबल गांधी जयंती पर फोटो खिंचवाने तक ही सीमित है कभी बैराड़ के स्थानीय नेताओं ने प्रयास किया या नहीं यह तो ईश्वर ही जाने, लेकिन यदि नगर को स्वच्छ बनाने को लेकर कोई प्रयास किया भी होगा तो बह आज दिनांक तक सार्थक नही हुआ है।

नगर में किसी सांसद, मंत्री के आने पर मुख्य मार्ग के दोनो और साफ - सफाई शुरू हो जाती है लेकिन नगर के अंदर कितने बदत्तर हाल है यह तो कहा ही नही जा सकता, एक और तो गांधी जयंती पर स्वच्छता अभियान चलाया जाता है लेकिन यहां तो स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखाकर गांधी जयंती पर कोई साफ सफाई नहीं की गई हैं।

क्या ऐसे देगा राष्ट्रपिता को सच्ची श्रद्धांजलि

स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. रैलियां, सेमिनार, जागरुकता शिविर लगाये जा रहे हैं, ताकी लोग जागरूक हो सकें. गंदगी फैलाने वाले कोई और नहीं हम लोग ही हैं. नगर परिषद बैराड़ की हालत देखकर यह तो साबित हो गया कि स्वच्छता अभियान महज मजाक बनकर रह गया है ।

अब सवाल यह उठता है कि जब स्वच्छता पूरी तरह है ही नहीं तो फिर सरकार क्यों जबरदस्ती अपनी पीठ थपथपा रही है यह सवाल सबके लिये है क्या नगर सहित नगर के सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी का अंबार लगाकर हम बापू को उनके जन्मदिन पर सच्ची श्रद्धांजलि दे रहे हैं.........