राठखेडा के क्षेत्र में खाद को लेकर किसानों ने किया चक्काजाम, तीन घंटे तक हंगामा, SDM से तीखी नौंक झौंक - Shivpuri News

शिवपुरी। पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा के क्षेत्र पोहरी में खाद की किल्लत को लेकर किसानों ने आज सुबह जमकर हंगामा कर दिया और तीन घंटे तक रास्ता जाम रखा। इस दौरान पोहरी-बैराड़ जाने वाला रास्ता बंद रहा और वहां यात्री वाहनों सहित कई वाहन जाम में फंसे रहे।

सड़क के दोनों और कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। खास बात यह रही कि हंगामे के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। अंत में जब किसान उग्र हो गए तो एसडीएम रवि अंकुर गुप्ता वहां पहुंचे। जिनसे किसानों की बहस हो गई। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाईश के बाद जाम खोला। इसके बाद किसानों को खाद वितरण की गई। किसानों का कहना था कि वह पिछले तीन दिन से लाइन में लगे थे। लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था।

जानकारी के अनुसार पोहरी के आईटीआई के पास स्थित किसान समृद्धि केन्द्र पर खाद का वितरण किया जाना था। लेकिन केन्द्र संचालन करने वाले कर्मचारी खाद की किल्लत की बात कहकर किसानों को गुमराह कर रहे थे। पीडि़त किसानों का कहना है कि तीन दिन से वह लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन उन्हें आज भी खाद मिलने की उम्मीद नहीं दिखी तो उनका आक्रोश बढ़ गया और किसानों ने हंगामा करते हुए रास्ता जाम कर दिया।

किसानों की मांग थी कि मौके पर एसडीएम को बुलाया जाए। लेकिन एसडीएम वहां नहीं आए। इससे किसान और नाराज हो गए। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी भी की। जब मामला बिगड़ गया तो पुलिस ने एसडीएम रवि अंकुर गुप्ता को मौके पर बुलवा लिया। जिनके आते ही किसानों ने उनसे सवाल जबाव शुरू कर दिए।

किसानों और एसडीएम के बीच हुई तीखी झड़प

एसडीएम के मौके पर न पहुंचने के कारण किसान उग्र हो गए और तीन घंटे तक उन्होंने सड़क जाम रखी। बाद में जब पुलिस ने एसडीएम को इस बात की सूचना दी तो वह मौके पर आए। किसानों का आरोप है कि रवि अंकुर गुप्ता शिवपुरी निवास करते हैं। जिस कारण वह क्षेत्र में समय नहीं दे पाते।

जब उनसे किसानों ने इस बात को लेकर शिकायत की तो एसडीएम नाराज हो गए और उन्होंने किसानों से कहा कि वह फोन पर उन्हें सूचना दे सकते थे। लेकिन जब किसानों ने उन्हें बताया कि वह किसी का फोन नहीं उठाते हंै। जिस पर एसडीएम चुप हो गए। लेकिन बाद में एसडीएम ने कहा कि सही समय पर उन्हें फोन लगाया जाए तो वह रिसीब करेंगे। जिस पर किसानों ने कहा कि वह सही समय हमें बता दें तो हम फोन उसी समय पर लगाया करेंगे। किसानों और एसडीएम के बीच हुई इस बहस को पुलिस ने विराम दिया और किसानों से कहा कि वह अपनी समस्या बताएं।