बिना प्लानिंग के बन रही है थीम रोड, राजे के ड्रीम प्रोजेक्ट को मिट्टी में मिला रहे है ठेकेदार- Shivpuri news

शिवपुरी। प्रदेश सरकार की मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया का ड्रीम प्रोजेक्ट थीम रोड की गति न केवल धीमी है। बल्कि इसका निर्माण कार्य भी उस गुणवत्ता से नहीं किया जा रहा जैसा होना चाहिए। अप्रैल तक थीम रोड का निर्माण हो जाना चाहिए था। लेकिन अभी भी रोड से लेकर पुल निर्माण का कार्य अधूरा है। वहीं ग्वालियर वायपास से ककरवाया तक इन दिनों बिना प्लानिंग के थीम रोड डाली जा रही है। जिसके चलते ठेकेदार यशोधरा राजे के ड्रीम प्रोजेक्टर को मिट्टी में मिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड रहा है।

यहां तक कि रोड में नालियों का निर्माण किए बिना पेबर्स टाईल्स लगाए जा रहे हैं और नाली वाले स्थानों पर मलबा पड़ा हुआ है। सडक निर्माण के साथ दोनों ओर नालियों का निर्माण भी किया जाना है। लेकिन गुना वायपास क्षेत्र में सड़क के एक ओर नाली बनाई गई है। जबकि दूसरी ओर नाली की खुदाई तक नहीं हुई है और वहां पर पेबर्स टाईल्स लगाने का काम शुरू कर दिया है।

जबकि सडक के दूसरी ओर जो नालियां खोदी गई हैं, उसका मलबा तक नहीं उठाया गया है और नाली बीच-बीच में अधूरी छोड़ी गई है। जिससे वहां व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालित करने वालों के साथ-साथ निवासियों को भी काफी परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी के एई हरिओम अग्रवाल के मोबाइल पर कई बार सम्पर्क किया गया। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।

मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने जब शहर को थीम रोड की सौगात दी तो उनके दिमाग में था कि इससे जहां शहर की ट्रेफिक व्यवस्था सुदृढ होगी, वहीं शिवपुरी की सुंदरता में भी चारचांद लगेंगे तथा इस रोड से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही इस योजना को पलीता लगा रही है। अभी तक थीम रोड का काम पूरा हो जाना था। लेकिन लेट लतीफी के चलते यह निर्माण कार्य अधूरा है।

ठेकेदार ने सड़क तो पूरी डाल दी। लेकिन उसकी गुणवत्ता पर कतई ध्यान नहीं दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि सडक जगह-जगह से धसक गई और बरसात में खराब सडक की स्थिति खुद व खुद स्पष्ट हो गई है। सडक के दोनों ओर बनाई जाने वाली नाली भी नहीं बनाई गई। गुना वायपास से लेकर गुरूद्वारा चौराहा तक एक ओर की नाली तो बना दी गई।

लेकिन आईटीबीपी के पास से नाली नहीं निकाली गई और बिना नाली बनाए ही पेबर्स लगाने का काम शुरू कर दिया है। सवाल यह उठता है कि जब वहां नाली ही नहीं बनाई गई तो फिर बारिश का पानी की निकासी कहां से होगी। पानी की निकासी न होने के कारण सडक को भी नुकसान होगा और भविष्य में सडक क्षतिग्रस्त हो जाएगी।


गुणवत्ता पर ध्यान न देने के कारण धसक रही है सडक
थीम रोड की गुणवत्ता काफी घटिया है और इसी घटिया काम के चलते सडक तैयार होने से पहले ही जगह-जगह से धसक गई है। ग्वालियर वायपास से लेकर बालाजी धाम तक दोनों ओर सडक में गड्डे हो गए हैं। जिस कारण उसमें वाहन गिरकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। लोगों को लगा था कि फोरलाइन बनने से उनके वाहनों की सुरक्षा के साथ-साथ समय की बचत भी होगी। लेकिन सडक गुणवत्ता विहीन होने के कारण शहरवासियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

सर्पाकार बन रही नालियों भविष्य मेें होंगी जाम
थीम रोड पर  सडक के साथ नालियां नालियां बनाना प्रस्तावित है। लेकिन ठेकेदार सडक और नालियों की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ कर रहा है। गुणवत्ताविहीन सडक डालने का परिणाम पहली ही बारिश में सामने आ गया है। जहां जगह-जगह सडक धसक गई है। यही स्थिति सडक के किनारे बनाई जा रही नालियों की भविष्य में होगी। क्योंकि नालियों की गुणवत्ता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है और घटिया मटेरियल का उपयोग करने के साथ-साथ नालियों को सर्पाकार रूप में बनाया जा रहा है। जिसमें नालियों से निकलने वाला पानी और कचरा भविष्य में इन नालियों में जाम हागा  और नालियों से निकलने वाली गंदगी सडक पर आएगी। जिससे सडक को भी नुकसान होगा और गंदगी फैलने से लोगों को भी परेशानी होगी।