नौकरी से हटाए गए भृत्य ने दो बाबूओं पर लगाया 20 हजार रूपए मांगने का आरोप,पहुंचा कलेक्टर के पास

शिवपुरी। सामाजिक न्याय विभाग में 8 वर्ष पहले अनुकम्पा नियुक्ति पर नियुक्त हुए भृत्य दिनेश बाथम को नौकरी से हटाए जाने के बाद पीडि़त ने कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह को एक शिकायती आवेदन देकर विभाग के दो बाबू शिवकुमार और अरूण जाटव पर 20 हजार रूपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है और कहा है कि इन दोनों बाबूओं ने मिलकर उसे षडय़ंत्र पूर्वक नौकरी से हटवाया है।

जबकि उसकी 2013 में अनुकम्पा नियुक्ति की गई थी। पीडि़त ने कलेक्टर से मांग की है कि बाबूओं पर कार्रवाई कर उसे वहाल किया जाए। क्योंकि नौकरी न होने से उसके परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है और बच्चे भूखों मरने की स्थिति में आ गए हैं।

पीडि़त दिनेश पुत्र रामरतन बाथम निवासी न्यू ब्लॉक ने कलेक्टर को दिए शिकायती आवेदन में बताया है कि उसके पिता रामरतन की मृत्यु होने के पश्चात वर्ष 2013 में कलेक्टर शिवपुरी द्वारा समस्त दस्तावेजों की जांच कराने के बाद अनुकम्पा नियुक्ति का प्रकरण टीएल में चलाया। लेकिन नियुक्ति से पूर्व उस पर एक प्रकरण दर्ज होने का कारण बताया गया।

जिस पर उसने न्यायालय द्वारा उसे दोषमुक्त किए जाने के प्रपत्र कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए। जिसका स्पष्ट उल्लेख नियुक्ति के लिए चली नोटशीट में किया गया था। समस्त परीक्षण करने के बाद उसको भृत्य के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी गई। उसे चरित्र सत्यापन फार्म भरने के लिए कहा।

लेकिन सामाजिक न्याय विभाग के बाबूओं ने वह फार्म उससे नहीं भरवाया और न ही कोई हस्ताक्षर कराए। विभाग में पदस्थ बाबू शिवकुमार सहायक ग्रेड-3 और अरूण जाटव द्वारा उससे कहा गया कि परिवीक्षा अवधि समाप्त किए जाने के उसे 20 हजार रूपए देने होंगे। जब उसने वह रूपए नहीं दिए तो दोनों बाबूओं ने उसे षडय़ंत्रपूर्वक अनुकम्पा नियुक्ति से हटा दिया।

जबकि पूर्व उप संचालक सुबोध दीक्षित द्वारा उसकी परिवीक्षा अवधि समाप्त करने हेतु शासन से अनुशंसा की गई और बताया कि उसका चरित्र उत्तम है व उसकी सेवाएं प्रशंसनीय हैं। इस अनुशंसा के बाद उप संचालक ने परिवीक्षा अवधि समाप्ति हेतु प्रकरण शिवपुरी कलेक्टर को भेजने के लिए कहा। लेकिन दोनों बाबूओं ने प्रकरण कलेक्टर को अनुमोदन के लिए न पहुंचाते हुए उसे नौकरी से ही हटा दिया। पीडि़त ने मांग की है कि उसे पुन: नियुक्ति दी जाए, जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके।

सामाजिक न्याय विभाग में पूर्व में हुए अग्रिकांड में जल चुके हैं दस्तावेज

सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय में पूर्व में हुए अग्रिकांड के दौरान वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज जल चुके हैं। इसे लेकर वहां के अधिकारी सवालों के घेरे में रहे हैं और उन पर कई आरोप भी लग चुके हैं। कुछ समय पहले विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर एक महिला ने वहां पदस्थ बाबू को चप्पलों से पीटा था और यह मामला उस समय काफी सुर्खियों में रहा था। यह विभाग लगातार सुर्खियों में बना रहता है।

इनका कहना है-
दिनेश बाथम पर आपराधिक प्रकरण चल रहा था, जिसकी जानकारी उसने छिपाई थी। जब उसका पुलिस वैरीफिकेशन कराया तो यह तथ्य सामने आया। इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया। रही बात रिश्वत मांगने की तो यह आरोप निराधार हैं। रिश्वत लेकर भी कोई उसे इस मामले में बचा नहीं सकता था।
महेंद्र जैन, प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग शिवपुरी