सीधा सवाल हमसे बिजली के बिलो में वसूली जाने वाली सुरक्षा निधि की राशि का क्या होता है और कितना ब्याज मिलता हैं- Shivpuri News

शिवपुरी। मप्र मध्यक्षेत्र विदयुत वितरण कंपनी लिमिटेड शिवपुरी के महा प्रबंधक पी आर पाराशर से सीधा सवाल शहर के एडवोकेट राधा बल्लभ शर्मा ने एक पत्र के माध्यम से पूछा हैं यह सवाल बबाल करने वाला हैं और सीधा शिवपुरी जिले के हजारो कनेक्शन धारियो की जेबो से जुडा हैं। सवाल प्रतिवर्ष बिजली विभाग द्धवारा ली जाने वाली सुरक्षा निधि की रकम को लेकर जुडा है।

एडवोकेट राधा बल्लभ शर्मा ने शिवपुरी के मप्र विदयुत मंडल शिवपुरी के महा प्रबंधक पीआर पाराशर को एक पत्र लिखा हैं। और इस पत्र के माध्य से कुछ सवाल पूछे है और इस पत्र का जबाब भी मांगा है। एडवोकेट शर्मा ने लिखा है कि बिजली विभाग के द्धवारा बिजली उपभोक्ताओ को दिए जाने वाले बिल में प्रतिवर्ष जो सुरक्षा निधि ली जाती हैं उसका क्या उद्देश्य हैं,और इससे बिजली के उपभोक्ताओ को क्या फायदा है।

प्रतिवर्ष वसूलने वाली सुरक्षा निधि जो बिजली उपभोक्ताओ से वर्षो से वसूली जा रही हैं,इसका उपयोग या इस जमा रकम का उपयोग बिजली उपभोक्ता कैसे कर सकता हैं। वर्षो से वसूली जा रही सुरक्षा निधि का ब्याज उपभोक्ता को कैसे मिलता हैं। अगर कोई उपभोक्ता अपनी सुरक्षा निधि के विषय में जानना चाहता कि उसकी सुरक्षा निधि आज दिनांक तक कितनी जमा हो चुकी हैं और बिजली बिभाग उसे कितना ब्याज दे रहा हैं अगर दिया है तो कब दिया हैं और किस दर से उसे ब्याज मिला हैं यह वह कैसे जान सकता है।

एडवोकेट राधा बल्लभ ने अपने पत्र के माध्यम से यह भी पूछा है कि अगर कोई उपभोक्ता अपनी सुरक्षा निधि को अपने बिल में समायोजित करा सकता हैं अगर करा सकता है तो कैसे अगर नही तो क्यो......

अगर कोई उपभोक्ता बिजली का बिल निर्धारित दिनांक तक जमा नही करता हैं तो उस पर बिलम्ब शुल्क सहित जमा करना होता हैं। इस विलम्ब शुल्क में किस ब्याज दर से राशि जोडी जाती हैं इसके क्या मापदंड हैं इस पेनल्टी का शुल्क सुरक्षा निधि में जो ब्याज दिया जाता हैं उसी हिसाब से है या अधिक़़........

पाठको की जानकारी के लिए

हम पाठको की जानकारी के लिए बता दे कि बिजली विभाग सुरक्षा निधि की कुल राशि औसत बिल से डेढ़ गुना होती है तो इस पर 7 से 8 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है। इस निधि की गणना के लिए 12 माह के बिल को जोड़ा जाता है। उस संख्या में 12 का भाग दिया जाता है, जो राशि आती है, उसमें डेढ़ का गुणा किया जाता है, जो राशि निकलती है वह सुरक्षा निधि होती हैं।

सुरक्षा निधि के नाम पर राशि बिजली उपभोक्ताओ से प्रतिवर्ष वसूली जाती हैं,कहां जाता है कि जब आप अपना कनेक्शन कटवाते हैं तो बिभाग आपको आपकी सुरक्षा निधि वापस कर देगा,लेकिन इतिहास में कभी यह हुआ होगा की किसी को सुरक्षा निधि की राशि वापस मिली होगी।

और अंत में शिवपुरी जिले का बिजली विभाग जिसे आम भाषा में लुटैरा विभाग अर्थात मप्र शासन से मान्यता प्राप्त लूट करने वाला विभाग है। बिजली का बिल देखकर आम जन कहते हैं कि घर चलाउ या बिजली.......क्यो कि साहब लूटेरो से डर नही लगता क्यो कि लूटेरो तो जीवन में एकाध बार लूटते हैं पर बिजली विभाग प्रति महिने हमको लूटता है।