प्रधानमंत्री आवासयोजना में 1.64 करोड़ रूपए का घोटाला सिद्ध: इस मामले में CMO पर भी FIR के आदेश हो- Shivpuri News

शिवपुरी। खबर बैराड की नगर पंचायत से आ रही हैं कि बैराड नगर पंचायत में पीएम आवास योजना के तहत जारी किश्तो में 265 हितग्राहियों में 82 अपात्र निकले हैं। इन अपात्र हितग्राहियो को 2—2 लाख की दो किश्तो में 1 करोड 64 लाख रूपए की रकम खातो में जारी हुई है। इस मामले मे नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल ने इन अपात्र हितग्राहियों से रिकवरी की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैराड़ नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 265 आवासहीनों को आवास के पट्‌टे साल 2017-18 में स्वीकृत किए। लेकिन योजना में शिकवे-शिकायत होने पर साल 2019-20 में एसडीएम ने प्रभारी तहसीलदार बैराड़ से 265 हितग्राहियों की जांच कराई। पटवारी व आरआई द्वारा की गई जांच में 183 हितग्राही पात्र निकले और 82 हितग्राही अपात्र पाए गए।

अपात्रों की लिस्ट सामने आने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल ने रिकवरी के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी व्यक्ति से आवास योजना के 2-2 लाख रु. वापस नहीं हुए हैं। आवास योजना में अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला जिले से लेकर भोपाल तक गरमाया हुआ है।

अब इस मामले को सरल और सीधी भाषा में लिखने का प्रयास करत हैं। बैराड नगर पंचायत से जारी आवास कुटीरो में 82 ऐसे लोगो को जारी कर दी,जो इस योजना का लाभ लेने योग्य नही हैं। या यू कह लो कि इनके मकान पूर्व से बने थे और रिश्वत की दम पर इन्होने सरकार का पैसा हडप लिया।

प्रत्येक हितग्राही को पहली पहली किश्त के रूप में 1 लाख रूपए जारी हुए। दूसरी किश्त जारी करने से पहले विभाग को मौका मुआना करना होता हैं। लेकिन इन जारी किश्तो में ऐसा नही हुआ है। इनमें से 19 लोग ऐसे ही हैं जिन्है जानकारी भी नही है कि हमारे नाम से पैसा जारी है वह लोहपीटा हैं और मोहना रोड पर टपने बनाकर रह रहे है।

सीधा यह डेढ करोड का घोटाला हैं। जिसे सीएमओ और आवास योजना के नोडल अधिकारी ने मिलकर किया है। इन 82 अपात्र लोगो को पहली किश्त बैराड नगर पंचायत के तात्कालिन सीएमओ मधुसुधन श्रीवास्तव थे अब यह पीर्ओडूडा के रूप में शिवपुरी पदस्थ है।

यह तो सिद्ध हो है कि 82 अपात्र लोगो को गलत रूप से पैसा दिया हैं। अब इनपर से वसूली के आदेश हुए हैं। यह बात तय है कि इन लोगो से पैसा वापस नही आना हैं। अब सवाल यह भी बनता है कि पीएम आवास योजना में अपात्र हितग्राहियो का चयन कैसे हो गया।

अब अगर इन हितग्राहियो ने पैसा वापस नही दिया तो इस रााशि की भरवाई कैसे होगी। विभाग ने बैराड नगर पंचायत के तात्कालिन सीएमओ पर कार्रवाई क्यो नही हुई। इस मामले मे सबसे पहले सीएमओ पर एफआईआर होना चाहिए,क्यो कि बिना भ्रष्टाचार किए यह पैसा नही निकला होगा,अब देखते है इस मामले में क्या होता है।