नियमो और शर्तों को एसिड डालकर जलाया, खुले आम बिक रहा टॉयलेट क्लीनर के रूप में एसिड- Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में नियम विरूद्ध एसिड की बिक्री की जा रही हैं,या यू कह लो की खुले आम एसिड की बिक्री की जा रही है। नियमानुसार एसिड को बेचने के लिए शर्तो और नियमो का पालन किया जाता हैं,लेकिन शिवपुरी जिले में इन नियमो और शर्तो को एसिड डाल की जला दिया गया हैं। शिवपुरी प्रशासन ने आज तक इस ओर कभी ध्यान नही दिया हैं।

बताया जा रहा है कि बेहतर मॉनीटरिंग के अभाव में यहां बाजार में टॉयलेट क्लीनर के नाम से खुले में ही तेजाब बिक्री किया जा रहा है। लेकिन इसकी बिक्री के प्रति बरती जा रही प्रशासनिक लापरवाही हादसे का सबब बन सकती है।

ये है मानक

विक्रेता दुकान का नाम, पता, पंजीयन संख्या, वाणिज्य विभाग से पंजीयन की स्थिति और अपने यहां तेजाब की स्टॉक की स्थिति के बारे में एसडीएम को स्थिति अवगत करवाना होता है। साथ ही नियमों के मुताबिक विक्रेताओं को अपने यहां पंजिका रखनी होती है। जिसमें खरीदार का नाम, पता, खरीदे गए तेजाब की मात्रा, खरीदने का उद्देश्य आदि अंकित करना पड़ता है।

इसके साथ ही खरीदार की पहचान प्रति भी जमा करनी होती है। 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तेजाब बिक्री पर ही रोक लगाई हुई है। विक्रेताओं अगर इन मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो सम्बंधित एसडीएम की ओर से कार्रवाई कर स्टॉक जब्त किया जा सकता है और कम से कम पचास हजार रूपए का जुर्माना वसूल किया जा सकता है।

यहां करनी पड़ती है मॉनिटरिंग

वैसे शिक्षण संस्थाओं, अनुसंधान, प्रयोशालाओं, अस्पतालों, शासकीय विभागों व सार्वजनिक उपक्रमों, जहां तेजाब की आवश्यकता रहती है, वहां भी स्टॉक रखने और प्रयोग करने की पूर्ण जानकारी रखनी पड़ती है। साथ ही सम्बंधित अधिकारियों की ओर से पूर्ण मॉनीटरिंग करनी पड़ती है।

ऎसे बिक रहा है तेजाब

जिला मुख्यालय के बाजार में टाइल्स, टब, बाथरूम, चिकनाई साफ करने के नाम पर खुली बोतलों में नमक से बना तेजाब बेचा जा रहा है। हालांकि, इसकी ज्वलनशील क्षमता कुछ कम की हुई है। लेकिन मानवीय शरीर को नुकसान पहुंचाने में इस प्रकार का तेजाब भी घातक साबित हो सकता है। इस प्रकार के तेजाब बिक्री कर रहे दुकानदारों की ओर से किसी प्रकार का कोई रिकार्ड संधारण नहीं किया जा रहा है और न ही इसके प्रति प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से गंभीरता बरती जा रही है।

इस कारण हुई सख्ती

दरअसल, प्रेम प्रसंग के मामलों, आपसी कहासुनी, द्वेष भावना समेत विरोधी भावना रखते हुए पूर्व में जिले में एसिड अटैक करने के पूर्व में कई मामले हो चुके हैं। व्यक्ति के चेहरे पर एसिड फेंकने से तेजी से आंख, पलकें, होंठ, नाक, कान को एसिड जला देता है। जलने वाली त्वचा मृत हो जाती है।

जिससे चेहरे का स्वरूप तक बिगड़ जाता है। इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष-2013 में खुले में एसिड बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया और इसकी बिक्री के मानक तय कर दिए, लेकिन जिले में इसकी पालना अभी तक सुनिश्चित नहीं की गई है।