Shivpuri News- गरीबो के साथ सरकार का मजाक: पीडीएस के चावल में फफूंद और कीडे, जानवर भी नही खा रहे

शिवपुरी। शिवपुरी में पीडीएस के राशन वितरण में लगातार शिकायते आ रही हैं। इस मामले में जिला प्रशासन ने कसावट लाने का प्रयास भी किया है और कुछ सैल्समैनो पर एफआईआर भी करा दी हैं,लेकिन अधिकारियो को नोटिस भी नही भेजा,अब जिम्मेदारो की लापरवाही के कारण पीडीएस के चावल में गरीबो के घर कीडे भी पहुंच रहे है।

बताया जा रहा हैं कि पीडीएस की दुकानों पर वितरण के लिए जो चावल दिया गया है उसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है। चावल इंसानों तो क्या जानवरों के खाने लायक भी नहीं है। चावलों में फफंूद के साथ इल्ली लगी हुई हैं। कई दुकानों ने तो यह लौटाने तक का बोल दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जो धान खरीदी हुई थी उसमें मिलर से मिलने वाले माल में गड़बड़ी हुई है। जो शासकीय धान खरीदी की जाती है उसमें धान से चावल का दाना निकालने का काम लोकल मिलर को दिया जाता है। लोकल मिलरों ने धान से चावल निकालने के बाद अच्छी क्वालिटी का माल बाजार में बेच दिया। इसके बाद खराब माल लेकर उसे वेयर हाउसों में भिजवा दिया।

वेयर हाउसों में इस समय करीब 40 हजार बोरी से अधिक माल रखा हुआ है और इतना ही माल दुकानों को भेजा जा चुका है जिसका वितरण भी हो चुका है। मिलरों से माल लेते वक्त क्वालिटी चेक करना खाद्य आपूर्ति निगम का काम है, लेकिन उन्होंने जांच की या नहीं अब यह भी जांच का विषय है।

गरीबों ने दुकानों पर फेंक दिए चावल
जिले में कई पीडीएस दुकानों पर चावल की गुणवत्ता को देखकर गरीबों ने भी इसे वापस फेंक दिया। जब पीडीएस दुकान के सेल्समैनों और प्रबंधकों ने इसकी शिकायत वेयर हाउस पर की तो यह बात अधिकारियों तक भी पहुंचाई गई, लेकिन किसी ने कोई जांच या कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। करीब 50 से ज्यादा शिकायतें इस संबंध में प्राप्त हुई हैं।

जब लोकल मिलर से माल वापस लिया जाता है तो यह खाद्य आपूर्ति निगम की जिम्मेदारी है कि वह माल चेक करे कि उसकी गुणवत्ता कैसी है। इसके अलावा दूसरे जिलों से आने वाली रैक की जांच भी इन्हीं की जिम्मेदारी है। निगम के अधिकारियों ने मिलरों के साथ सांठगांठ कर इस घटिया माल को खपाने की तैयारी की है। वेयर हाउस संचालकों को भी हैरानी है कि चावल में कीड़े कैसे लगे हैं जबकि यह माल शिवपुरी का है और यहां का धान क्वालिटी में काफी अच्छा होता है।

पिछले एक साल से चल रहा है सिलसिला
यह पहली बार नहीं है जब खाद्य आपूर्ति निगम द्वारा घटिया क्वालिटी का चावल गरीबों को वितरण के लिए दिया गया है। इसके पहले भी कई बार खराब क्वालिटी का चावल यहां भेजा जा चुका है। रीवा से करीब 8 माह पहले जो शिवपुरी में रैक उतारी गई थी वह भी काफी घटिया क्वालिटी का चावल था। जांच दल ने करीब 1500 क्विंटल को रिजेक्ट कर दिया था।

खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंधक ने नहीं उठाया फोन
इस संबंध में पक्ष लेने के लिए जब खाद्य आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक एसएन माहेश्वरी को कॉल किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उन्हें मैसेज भी भेजा गया। गुणवत्ता संबंधी सभी जिम्मेदारी एसएन माहेश्वरी की ही है। जिला खाद्य अधिकारी विपिन पटेल ने भी फोन रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है
यदि ऐसा है तो इसकी जांच कराएंगे। जांच में जो भी परिणाम आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी।
अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर ।