बच्चों को गुड-टच एवं बैड-टच की जानकारी दे,अपराध करीबी और नजदीकी लोग ही करते हैं- Shivpuri News

शिवपुरी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं म0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन में एवं जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवपुरी के अध्यक्ष श्री अमनीश कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में आज मंगलवार को वनस्टॉप सेंटर, शिवपुरी में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।

जिसमें जिला न्यायाधीश / सचिव श्रीमती अर्चना सिंह एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासिका श्रीमती कंचन गौड़, अधिकारीगण वनस्टॉप सेंटर एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्तागण उपस्थित रहें।

जिला न्यायाधीश श्रीमती अर्चना सिंह द्वारा बताया गया कि आप लोगो को बच्चों को गुड-टच एवं बैड-टच के बारे में जानकारी देनी चाहिये क्योंकि ऐसी अपराध सामान्य तौर पर करीबी रिश्तेदारों एवं अत्यंत नजदीकी लोगों द्वारा किये जाते हैं और बच्चों को डराना धमकाना अत्यंत आसान होता हैं।

यही कारण है कि पॉक्सो के अपराधों में प्रतिवर्ष वृद्धि होती जा रही है यह भी बताया कि नाबालिक लडके-लडकियों को शिक्षा पर ध्यान देना चाहिये, इसी के साथ-साथ श्रीमती अर्चना सिंह एवं श्रीमती शिखा शर्मा द्वारा वनस्टॉन सेंटर का निरीक्षण भी किया गया।

जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा, द्वारा बताया गया कि आमजन के पास समस्याएं तो बहुत होती हैं किन्तु अज्ञानता के कारण वे यह नहीं जानते कि अमुक समस्या के समाधान हेतु किससे संपर्क किया जाए, ऐसी स्थिति में यदि उन्हें उचित सलाह मिल जाए तो उनकी समस्या का समाधान हो सकता है।

इसी बात को दृष्टिगत रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिवपुरी द्वारा उन्हें निःशुल्क कानूनी परामर्श हेतु पैनल अधिवक्ताओं की सूची तैयार की गई है साथ ही संबंधित विशेषज्ञों से भी काउंसलिंग करवाई जाने का भी प्रावधान किया गया है । इसके अतिरिक्त उनके द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता हेतु पात्र व्यक्तियों की भी जानकारी दी गई।

कन्या भ्रूण हत्या के संबंध में उनके द्वारा बताया गया कि गर्भवती स्त्री के गर्भ में स्थित शिशु के लिंग परीक्षण कर यह पता लगाना कि गर्भस्थ शिशु लड़का है या लड़की, कानूनन जुर्म है। इसके अतिरिक्त जन्म लेते ही कन्या शिशु का वध कर दिया जाना भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के अंतर्गत हत्या का अपराध है।