सेसई सड़क मुक्त नही हो पा रही हैं सट्टे के रट्टे से: टूटी जोडी बिके बर्तन - kolaras News

कोलारस। खबर जिले के कोलारस थाना अंतर्गत आने वाले गाव सेसई सडक गांव से आ रही है कि उक्त गांव सट्टे के रट्टे से मुक्त नही हो पा रहा हैं। लगातार खबरो के प्रकाशन के बाद भी कोलारस पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

जैसा कि विदित हैं कि अब सटटे के कारोबारी अब बढती टैक्नीलॉजी और इंटरनेट के माध्यम से अपना कारोबार कर रहे हैं। इस सट्टे कारोबार में भी टैक्नोलॉजी का प्रयोग हो रहा हैं।सेसई सडक में सोशल के जरिए सटटे की लाईन ली जा रही है।

सेसई सडक में ऑनलाइन होने वाले इस सट्टे का लेनदेन ऑफलाईन ही किया जा रहा हैं। नाम न छापने के शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया की इनके व्हाटसऐप के नंबर सेसई के नाम आसपास के गांवो तक में फैले हुए हैं,इस कारण सेसई के आसपास के गांव भी इस बुराई से जकड गए है।

इस कारोबार को गोविंद, जनकपूरी, ब्रजजोशी, नाम के व्यक्ति बडी ही जोरो से कर रहे हैं। मीडिया के प्रकाशन के बाद सेसई सडक में काम करने करोबारियो ने अपना ठीकाना बदलने की खबर आ रही हैं,बताया जा रहा है कि यह कारोबारी अब सेसई सडक से अपना मुख्यालय बदल लिया हैं और पास के गांव खोकर,धर्मपुरा,पडौई और सीरबांसखेडी से अपना कारोबार कर रहे हैं।

बताया जा रहा हैं कि कारोबारियो ने अपने ऐजेंटो के मोबाईल नंबर भी मीडिया में आई खबरो के बाद बदलवा दिए है। सट्टा एक समाजिक बुराई है और गरीब और मजदूर तबके के लोग ही अधिक सट्टा खेलते हैं। अपनी किस्मत चमकाने के चक्कर में अपने घर के चमकते हुए बर्तन भी बेच देते है।