न्यायालय के आदेश पर बंदियो का DNA टेस्ट कराने अस्पताल पंहुची पुलिस वापस लौटी: अस्पताल में चल रही थी पार्टी - karera News

करैरा। खबर करैरा नगर के सरकारी अस्पताल से आ रही हैं कि न्यायालय के आदेश पर 2 बंदियो का डीएनए टेस्ट कराने पहुंची पुलिस को पार्टी में नाच गाना कर रहे डॉक्टर और अन्य स्टॉफ ने बैंरग लौटा दिया। बताया जा रहा है कि जब करैरा पुलिस की एसआई भावना राठौर 2 बंदियो को लेकर करैरा के सामुदायिक अस्पताल पहुंची तो वहां डॉ देवेन्द्र खरे के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी पार्टी का मजा किरकिरा न हो इसलिए न्यायालय से आदेशित कार्य को नही किया गया।

करैरा पुलिस की एसआई भावना राठौर ने बताया कि सोमवार दोपहर 2.15 बजे मैं पॉक्सो व दुष्कर्म के दो आरोपियों ( विनोद जाटव व अवतार सिंह गुर्जर ) को लेकर इनका डीएनए टेस्ट कराने करैरा अस्पताल पहुंची । यहां पर कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला तो अस्पताल के लैब टेक्नीशियन ने भावना को बताया कि सोमवार को डॉ.देवेंद्र ज खरे का जन्मदिन है, तो बीएमओ सहित सभी डॉक्टर्स बर्थ-डे पार्टी मना रहे हैं।

एसआई भावना का कहना हैं कि काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब कोई डॉक्टर नहीं आया तो मैं खुद ही उस कमरे में पहुंची,जहां पर डॉक्टर्स बर्थ-डे पार्टी कर रहे थे । मैने उनसे कहा कि हमें दो बंदियों के डीएनए
टेस्ट करवाना हैं,तो बीएमओ डॉ.बृजकिशोर रावत व डॉ.देवेंद्र खरे ने अभद्रता करते हुए कहा कि यह काम हमारा नहीं है।

तब मैने उनसे कहा कि इन बंदियों को न्यायालय आदेश पर हम जेल से लेकर टेस्ट करवाने के लिए आए हैं , तो डॉक्टर बोले कि हमें इससे कोई लेना देना नहीं हैं,हमारा स्वीपर नहीं आया हैं, इसलिए हम टेस्ट नहीं कर सकते । इस पर भावना ने कहा कि यदि आप टेस्ट नहीं कर रहे तो आप लिखित में दे दें,ताकि हम न्यायालय को अवगत करा सकें, लेकिन बर्थ-डे पार्टी में व्यस्त इन डॉक्टरों ने लिखकर देने से भी साफ इंकार कर दिया।

एसआई भावना ने बताया कि हमने पौने 5 बजे तक इंतजार किया और जब वे टेस्ट करने नहीं आए तो हम बंदियों को वापस थाने ले गए,क्योंकि उन्हें वापस जेल भी भेजना था। बताया जा रहा है कि उक्त पार्टी में बीएमओ व डॉ.खरे के अलावा डॉ.अखिलेश शर्मा, डॉ.एनएस कुशवाह,नीलेश श्रीवास्तव भी पाटी में शामिल थे।

इनका कहना हैं
न्यायालय आदेश पर 2 आरोपियो को डीएनए सैंपल टैस्ट के लिए एसआई भावना राठौर लेकर करैरा अस्पताल गई थी,लेकिन वहां डाक्टर्स बर्थ डे पार्टी में इतने व्यस्त थे कि उन्होने सैंपल टेस्ट से मना कर दिया। हमने वरिष्ठ अधिकारियो को अवगत करा दिया है और बंदियो को वापस जेल भेज दिया गया।
अमित सिंह भदौरिया,टीआई करैरा

अक्ष्यम है डॉक्टरो को यह कार्य
यादि ऐसा करैरा के बीएमओ व डॉक्टर्स ने किया है तो यह बडी गलती है और उनका यह कार्य अक्ष्म्य हैं। न्यायालय आदेश पर डीएनए टेस्ट के लिए आए बंदियों का सैंपल टेस्ट किया जाना चाहिए था मैं इसमें त्वरित कार्रवाई कंरूगा।
डॉ.एएल शर्मा,सीएमएचओ शिवपुरी