बडी खबर: कोलारस में पकडे गए 15 हजार जिप्सम के कट्टे, नकली DAP बनाने की तैयारी तो नही - kolaras News

कोलारस। खबर जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के राई रोड स्थिति देव होटल के पास से आ रही है। जहां राई रोड स्थिति दो गोदामों पर कल शाम से पुलिस के साथ मिलकर इंटैलीजेंस की टीम ने छापेमार कार्यवाही की है। यह टीम जिले से बाहर से आना बताई जा रही है। इस मामले की सूचना पर शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम मौके पर पहुंची। जहां पुलिस ने मीडिया को इस मामले से दूर रखा और अंदर जाने से रोक दिया।

जानकारी के अनुसार कल शाम कोलारस थाना पुलिस के साथ डीआरआई की टीम राई रोड पर पहुुंची और दो गोदामों को निशाना बनाते हुए वहां छापेमार कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस कार्यवाही को लगभग 24 घंटे बीतने को है। परंतु अभी भी टीम कार्यवाही में जुटी हुई है। इस में टीम मीडिया से दूरी बनाए हुए है।

बताया जा रहा है कि यहां रेड के दौरान टीम ने राई रोड स्थिति देव होटल के नीचे गोदाम और पास में ही एक और गोदाम में से 15 हजार कट्टे जिप्सम के बरामद किए है। इस कट्टों पर जो भाषा लिखी है वह ईरान की है। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उक्त कट्टे इरान से आए है।

इस मामलें में सूत्रों का कहना है कि जिप्सम की तस्करी की जाती है। एक कट्टा जो कि 30 किलो का रहता हैं। इतनी मात्रा में जिप्सम बरामद होना किसानो के लिए खतरे की घंटी हैं। बताया जा रहा है कि उक्त कट्टे किसी सरदार के है ओर पिछले 3 साल से यहा कट्टे उतरते और भरते रहते हैं।गोदाम मालिक का नाम गोपाल शिवहरे बताया जा रहा है।

क्या हैं जिप्सम और किसलिए प्रयोग होता हैं

जिप्‍सम 16 से 19 प्रतिशत कैल्शियम एवं 13 से 16 प्रतिशत सल्‍फर होता है। इसका उपयोग क्षारीय भूमि सुधार हेतु मृदा सुधारक के रूप में खेत की मिट्टी की जॉच रिपोर्ट में जिप्‍सम की आवश्‍यक मात्रा (जी.आर.वैल्‍यू) के आधार पर किया जाता हैं। बुवाई से पहले या बुवाई के समय खेत में जिप्‍सम डालने से तिलहन में तेल की मात्रा में एवं दलहन में प्रोटीन की मात्रा में वृद्धि होती है।

सवाल बडा है इतना बडा भंडारण जिप्सम का क्यो

सवाल बडा है कि इतनी बडी मात्रा में जिप्सम का भंडारण क्यो किया जा रहा था। अगर सूत्रो में माने तो यह जिप्सम नकली डीएपी के निर्माण के लिए इस जिप्सम को रखा गया था। देश में नकली खाद डीएपी बनाने की कई खबरे आपने सुनी होगी।

नकली खाद बनाने की रैकेट से इस जिप्सम के मालिक के मार जुडे हो सकत हैं। और जैसा कि विदित है कि बोवनी के समय डीएपी की मांग बहुत बड जाती हैं। डीएपी के कट्टे का रेट लगभग 1200 रूपए होता हैं। अभी फिलहाल इस मामले में ठोस कुछ नही कहा जा सकता है।

इनका कहना है
हां टीम सेन्ट्रल से आई है। जिसने हमसे फोर्स मांगा था जिसपर से हमने फोर्स दे दिया। न हमने इनसे इस रेड के बारे में कुछ पूछा और न ही इन्होने कुछ बताया। बस हमें यह बताया है कि वह डीआरआई की टीम है।
संजय मिश्रा,टीआई कोलारस।