मुन्ना की किचन कैबिनेट में पकी अवैध नियुक्तियां: खुले में शौच रोकने के लिए अधिकारियों तक के हुए है पद स्वीकृत - Shivpuri News

शिवपुरी। घोटालो का कुंभ नगर पालिका शिवपुरी अपने कामो की नही भ्रष्टाचारो के लिए चर्चा में रहती हैं,अब चर्चा में हैं अपनी अवैध नियुक्तियो के कारण। पूर्व नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने अपनी पीआईसी में दर्जनो अवैध नियुक्ति कर दी है। इनके पदो और संख्या पर गौर करगें तो हर माह लाखो रूपए का चूना नपा को लग रहा है। जो पैसा शहर की साफ सफाई और विकास पर खर्च हो रहा हैं वह पैसा भ्रष्ट आचरण के कारण बर्बाद हो रहा है।

नपा में हैं 1600 कर्मचारियो का भारी भरकम अमला
शहर की सफाई और जल प्रदाय और व्यवस्थित शहर को बसाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी हैं और इसके लिए 1600 से अधिक लोगो की फौज हैं। इस फौज को हर माह वेतन के रूप में 1.30 करोड रूपए लगभग वेतन देना होता है।

लेकिन 1600 कर्मचारी की फौज वाली नपा की कार्य प्रणाली किसी से छुपी नही हैं। शहर की नाली चोक,सडको पर गंदगी, और जगह जगह कचडे के ढेर,लोगो की हाथ में पानी कट्टी के साथ लोग आपको दिख जाते होंगें।

नगर पालिका के पास कागजों में तो बड़ा अमला है, लेकिन इनमें से जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी बहुत कम हैं क्योंकि अधिकांश अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्तियां पूर्व अध्यक्ष ने मनमाने ढ़ंग से करते हुए इनमें बड़ा घोटाला किया है।

मुन्ना की किचिन कैबिनेट में सैकडो अवैध नियुक्तियां

पूर्व अध्यक्ष मुन्नाालाल कुशवाह ने और उनकी अध्यक्षीय कमेटी ने मिलकर महज 7 दिनों में ही 76 अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी। करीब तीन पहले पहले नियुक्त हुए यह अस्थाई कर्मचारी अब नगर पालिका में डेरा डालकर बैठ गए हैं और हर माह तनखाह भी ले रहे हैं, लेकिन काम के नाम पर कुछ भी नहीं कर रहे हैं।

आज भी यह कर्मचारी या तो पूर्व पार्षदों या फिर नगर पालिका के अधिकारियों के यहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी नियुक्ति में शासन के निर्देशों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं और किसी तरह का विज्ञापन निकाले बिना इनकी नियुक्तियां कर दी गईं।

जाते-जाते भी 9 कर्मचारी कर गए नियुक्त, शासन के निर्देश हवा में उड़ाए
उल्लेखनीय है, कि कार्यकाल समाप्ति के ठीक पूर्व 17-12-19 को अध्यक्ष व अध्यक्षीय परिषद द्वारा संकल्प क्रमांक 371 द्वारा 9 व्यक्तियों को अस्थाई रूप से फिर नगर पालिका की नियुक्ति दी गई।

जबकि मध्यप्रदेश शासन, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक एफ/4-51/2012/दिनांक 28.2.14 के द्वारा पारित निर्देश के परिक्षेप्य में यह निर्देश था कि उक्त अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति पृथक विज्ञापन प्रकाशित कराकर अभ्यर्थियों की कार्यकुशलता एवं निकाय की आवश्यकता के आधार पर की जाएगी।

अध्यक्ष व अध्यक्षीय परिषद द्वारा मंत्रालय से जारी निर्देशों का अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतू स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है। इस प्रकार भूतपूर्व अध्यक्ष एवं अध्यक्षीय परिषद द्वारा पांच वर्षों में कितनी अवैध नियुक्तियां की गईं यह जांच का विषय है।

पंप अटेंडर भी बने हुए हैं नपा पर बोझ, हर माह 20 लाख भुगतान

शहर में लगभग 615 ट्यूबेल हैं जिनके लिए नगर पालिका ने करीब 350 पंप अटेंडर नियुक्त किए हुए हैं। पंप अटेंडर नियुक्त करने के बाद भी अधिकांश ट्यूबबेल पर यह उपस्थित नहीं रहते हैं। यह सिर्फ नपा में अपना नाम दर्ज करा कर रह महीने हजारों रुपये का वेतन ले रहे हैं, जबकि पंप अटेंडर की जिम्मेदारी होती है कि मोटर के संचालन और रखरखाब का पूरा काम देखे।

नगर पालिका में पंप अटेंडर के नाम पर अपने चहेतों को भर्ती कराने की परंपरा सालों से चली आ रही है। हर अध्यक्ष और पार्षद ने अपने-अपने कार्यकाल में मनमाने तरीकों से पंप अटेंडरों को नियुक्त कराया है। अब नगर पालिका को इन्हें हर महीने करीब 20 लाख रुपये की सैलरी देनी पड़ रही है।

इन अवैध नियुक्ति की हुई शिकायत, कार्यवाही जारी

नगर पालिका परिषद शिवपुरी के भूतपूर्व अध्यक्ष मुन्नाालाल कुशवाह द्वारा बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए हुए सैकड़ों कर्मचारियों की अस्थाई नियुक्ति की गई थी। नगर पालिका परिषद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्कों की देखरेख के लिए नियुक्त स्थाई व अस्थाई कर्मचारियों की ड्यूटी पार्कों में न लगाई जाकर तत्समय पाषर्दों, नेताओं और नगर पालिका के अधिकारियों के यहां लगाई गई। इस संबंध में मेरे द्वारा पार्कों की नियुक्त 112 स्थाई व अस्थाई कर्मचारियों के संबंध में नगर पालिका शिवपुरी के द्वारा 15-10-19 को लिखित में शिकायत की गई थी।

ऐसे पकाई गई नियुक्ति

मुन्नाालाल कुशवाह द्वारा तत्कालीन अध्यक्षीय परिषद के सहयोग से संकल्प क्रमांक 23, 24, 53, 54 दिनांक 9-1-18 द्वारा पांच कर्मचारी एवं संकल्प क्रमांक 310, 311 दिनांक 12-03-2018 को 6 कर्मचारीगणों की समयवृद्धि एवं ट्रैक्टर व टैंकर ड्राइवरों की नियुक्ति एवं संकल्प क्रमांक 487, 499, 500, 501, 502, 504, 505 दिनांक 17-04-18 द्वारा 25 कर्मचारियों की अस्थाई नियुक्ति का आदेश जारी किया था।

बंद पड़े सिटी प्लाजा की होती हैं सफाई: तैनात 5 कर्मचारी

संकल्प क्रमांक 680 दिनांक 19-6-18 द्वारा सिटी प्लाजा फिजिकल कॉलेज के सामने की सफाई के लिए 5 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। उल्लेखनीय है कि उक्त सिटी प्लाजा कई वर्षों से बंद पड़ा है।

संकल्प क्रमांक 692 दिनांक 19-6-18 द्वारा ट्रैक्टर व टैंकर पर ड्राइवरों की अवैध नियुक्ति की गई है। उक्त समय अवैध रूप से नियुक्त कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया। भूतपूर्व अध्यक्षीय परिषद द्वारा संकल्प क्रमांक 835, 836, 837, 838, 839 दिनांक 28-7-2018 द्वारा 17 कर्मचारियों की अस्थाई नियुक्ति की गई थी।

करोड़ो की योजना पर:सिर खुजाने जैसे पदों पर नियुक्ति

पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान पूरे जोर शोर से चला,शिवपुरी जिले में करोडो रूपए स्वच्छ भारत अभियान पर करोडो रूपए खर्च कर दिए हैं,लेकिन नगर पालिका शिवपुरी के अनुसार शासन ने करोडो रूपए बर्बाद कर दिए हैं,लोग खुले में अभी भी शौच कर रहे हैं इसलिए नपा ने खुले में शौच रोकने हैतु 3 चौकीदार नियुक्त किए हैं।

इनकी ड्यूटी हैं भोर होते ही लौटा बोतल लेकर जा रहे लोगो को तलाश कर सुबह का नित्य क्रियाकर्म करने से रोकना,अब आप अपना सिर मत खुजाना ऐसे ही 3 पद नपा शिवपुरी ने स्वीकृत कर बकायदा खुले में शौच को रोकने हैतु 3 अधिकारी रखे हैं इनकी नियुक्ति हुई हैं,संकल्प क्रमांक 841 के द्वारा। वार्ड क्रमांक 33 सामुदायिक भवन पर चौकीदार संकल्प क्रमांक 842 द्वारा नियुक्ति की गई।

इसी तारतम्य में संकल्प क्रमांक 566 दिनांक 10-6-18 द्वारा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था हेतू तीन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें रात में बंद और दिन में अधिकांश चालू रहती हैं। इसी संबध में ऊर्जा के अपव्यय के संबंध से एक प्रकरण लोकोपयोगी न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

संकल्प क्रमांक 561, 562, 452 दिनांक 10-5-18 द्वारा पांच कर्मचारियों की अवैध नियुक्ति के संबंध में संकल्प पत्र पारित किए गए थे। उल्लेखनीय है कि भूतपूर्व अध्यक्ष व उनकी अध्यक्षीय परिषद द्वारा 7 दिनों में 76 अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति कर भारी घोटाला किया गया है।

यह कहना है अवैध रूप से डटे प्रभारी CMO नपा का

नगर पालिका का कोई भी कर्मचारी किसी पार्षद या अधिकारी के यहां काम नहीं कर रहा है। अब यदि किसी के व्यक्तिगत संबंध हैं और वह ड्यूटी के बाद वहां काम करने जाता है तो इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं। नियुक्तियां सभी वैधानिक प्रक्रिया से हैं। यदि कोई नियुक्ति गलत है तो हम इसकी जांच करा लेंगे और जो वैधानिक कार्रवाई होगी वह करेंगे।