हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी डटे है प्रभारी CMO गोविंद भार्गव, कलेक्टर को आया नोटिस, MP का पहला मामला - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर शहर के नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ गोविंद भार्गव को लेकर हैं,जो नियम विरूद्ध तरीके से नगर पालिका की कुर्सी पर डटे हुए है। इसे लेकर शिवपुरी कलेक्टर को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के एक निर्णय के आदेश के तहत प्रभारी सीएमओ को हटाने को लेकर एक नोटिस आया है। अब देखना यह है कि इस मामले में कलेक्टर क्या एक्शन लेते है। इस तरह की नियुक्ति पूरे मध्यप्रदेश में पहली है। जिसमें एचओ को नगर पालिका सीएमओ का प्रभार सौंपा गया है।

जानकारी के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्धारा जनहित याचिका क्रमांक 5135 2012 एवं याचिका क्रमांक 625 2015 में स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदोन्नति हैतु फिडर केडर में नही आने वाले कर्मचारियो को प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद से मूल पद पर वापस भेजा जाए।

इस मामले में संचालनालय नगरीय प्रशासन भोपाल एंव विकास ने पत्र क्रंमाक शाखा—1 स्था.2021 3380 दिनांक 17 फरवरी 2021 को नगरीय प्रशासन एंव विकास मध्यप्रदेश भोपाल के आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने मप्र के समस्त संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन को पत्र जारी किया था। उक्त पत्र माननीय उच्च न्यायलय के इसी याचिका के आदेश से संबंधित था।

पत्र में स्पष्ट लिखा है कि उक्त याचिका के आदेश के अनुसार जिन नगरीय निकायो में ऐसे कर्मचारियो को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार दिया गया हैं,जो कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर पदोउन्नति हैतु फिडर कैडर मे नही आते उन निकायो नियमित पद स्थापना होने तक नजदिकी नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियो अथवा फिडर कैडर में आने वाले राजस्व अधिकारी,राजस्व निरिक्षक,राजस्व उपनिरीक्षक एंव कार्यालय अधीक्षक को कार्यभार सौपे जाने की कार्रवाही सुनिश्चित करे।

आयुक्त के आदेश में स्पष्ट लिखा है कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी के पद पर अगर नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारी नही है तो फिडर कैडर मे आने वाले कर्मचरियो को ही मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार सौंपा जाए,लेकिन शिवपुरी में स्वास्थय अधिकारी को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है,उक्त मामला हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की श्रेणी में आता हैंं।

इस कारण हुई थी हाईकोर्ट जबलपुर मे याचिका दायर

2012 में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। इसके जरिये एक नगर पालिका में अपात्र कर्मचारी को सीएमओ बना दिए जाने के रवैये को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद न केवल उस प्रभारी सीएमओ विशेष को हटाने के निर्देश दिए बल्कि सामान्य आदेश पारित करते हुए मध्य प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं में पदस्थ अपात्र कर्मचारियों को हटाए जाने की व्यवस्था दे दी थी।

जिसके पालन में एक साथ 50 से अधिक प्रभारी सीएमओ हटा दिए गए थे। दमोह में पदस्थ कपिल खरे को भी इसी कड़ी में हटाया गया था। इसके बावजूद पिछले दिनों जैसे ही दमोह में सीएमओ का पद रिक्त हुआ उपयंत्री कपिल खरे को नए सिरे से प्रभारी सीएमओ बना दिया गया।

रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट सौंपने कहा गया: इस तरह हाई कोर्ट के उस पूर्व आदेश की नाफरमानी कर दी गई, जिसके तहत राज्य के मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि भविष्य में किसी भी नगर पालिका में सीएमओ कैडर में पदोन्नति के लिए अयोग्य व्यक्ति को प्रभारी सीएमओ न बनाया जाए। इस सिलसिले में कार्रवाई कर रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट सौंपने कहा गया था।

चुकि मप्र के सभी जिलो में सीएमओ के पद पर या तो नियमित सीएमओ पदस्थ हैं या प्रभारी सीएमओ पर ऐसे कर्मचारी पदस्थ है तो सीएमओ कैडर पर पदोन्नति हो सकते हैैं। मगर शिवपुरी की नगर पालिका में सीएमओ के पद पर प्रभारी सीएमओ गोविंद भार्गव हैं यह फिडर कैडर की श्रेणी में नही आते हैं। इस कारण ही कलेक्टर शिवपुरी को उक्त याचिका को लेकर पत्रकार के के दुबे ने हाईकोर्ट के आदेश के तहत प्रभारी सीएमओ को नोटिस सौंपा हैं।

इनका कहना हैं
इस मामले में मैं कोई कार्यवाही नही कर सकता इस मामले में मप्र शासन कार्यवाही करेगा। सीएमओ की पदस्थापना कलेक्टर नही करता हैं,मप्र शासन का काम हैं।
अक्षय कुमार सिंह,कलेक्टर शिवपुरी

हमने हमारे एडवोकेट के माध्यम से जबलपुर हाईकोर्ट के एक आदेश के तहत कलेक्टर शिवपुरी को शिवपुरी नगर पालिका के प्रभारी सीएमओ को हटाने का नोटिस भेजा है। कलेक्टर शिवपुरी माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत अगर सीएमओ को नही हटाकर सीएमओ कैडर के अधिकारी को चार्ज नही देते है तो उन पर आगे के क्रम की कार्रवाही में ग्वालियर हाईकोर्ट में न्यायालय की अवमानन का नोटिस दिया जाऐगा।
के के दुवे,याचिकाकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार शिवपुरी।