कोरोना काल में संजीवनी बना हैल्पिंग हैड्स ग्रुप, युवाओं की पहल ने बचाई कई जाने - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना काल में बैसे तो प्रत्येक व्यक्ति ने अपने अपने स्तर से कोरोना के बीच लोगों के बीच मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोडी। इसी बीच एक ग्रुप ऐसा भी है जो खुलकर लोगों की मदद के लिए उतर गया।

बीते साल से सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से दुष्प्रभावित है जिससे भारत भी अछूता नहीं रहा है।भारत में कोरोना का प्रचंड रूप इसकी द्वितीय लहर में देखा गया जब 4 लाख के करीब तक मामले प्रतिदिन सामने आए।
इस दौर में लोग अस्पतालों में बेड ऑक्सीजन वेंटीलेटर आदि के लिए कराह रहे थे।

इन्ही विषम परिस्थितियों में राज्य के कुछ युवाओं ने अपने व्यक्तिगत कार्यों के स्थान पर इंसानियत को महत्व देते हुए अपने मित्रों ( दिल्ली, पटना, उज्जैन, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, ग्वालियर,रीवा,आदि ) के साथ मिलकर हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप का सृजन किया जो जरूरतमंदों के लिए एक संजीवनी बनकर सामने आया।

इन युवाओं ने रात रात भर जागते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की मदद लेकर जरूरतमंदों को मदद की। निश्चित ही हेल्पिंग हैंड्स समूह के सदस्यों का निःस्वार्थ सेवाभाव, कर्तव्यनिष्ठा और समानुभूति देश के समस्त युवाओं, राजनेताओं, अधिकारियों व सिविल समाज के लिए प्रेरणादायी व अनुकरणीय है जो इस तथ्य की पुष्टि करती है कि विषम से विषम परिस्थिति में भी धैर्य के साथ एकजुट होकर किसी भी समस्या का समाधान खोजा जा सकता है और लोगों की मदद की जा सकती है।

हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप के केस सॉल्विंग रणनीति भी अद्वितीय थी तकनीक और जागरूकता के मेल से इन्होंने राष्ट्रीय स्तर के मामले भी महज अपने फोन के माध्यम से एक दूसरे की सहायता से सॉल्व किए।

क्या है हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप

उल्लेखनीय है कि ग्वालियर इंदौर, रतलाम, मुंबई, उज्जैन, मंदसौर, दिल्ली के इन साथियों ने मिलकर एक समूह बनाया और लोगो की स्वास्थ्य समस्याओं को तकनीकी स्तर पर डिजिटली सुलझाने का प्रयत्न किया।

इन युवाओं का यह नवाचार अब तक कई जरूरतमंद लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान कर चुका है और अब भी लगातार कोरोना के इस संकट में यह समूह इंसानियत और संवेदनशीलता का उपयुक्त उदाहरण बना हुआ है।

इस समूह के सदस्यों मे अनिल रावल बामनखेड़ी रतलाम , रमन बैरागी शिवपुरी, पवन पाटीदार बामनखेड़ी रतलाम, केवल बैरागी अशोकनगर, विजय जी इंदौर, अरविंद प्रताप राणा रीवा, राम सर एपिकल रतलाम, शैलजा पटेल रीवा/ उमरिया, समीक्षा जी मुम्बई, प्रियंका जी मुंबई, प्रिया जी बालाघाट, पल्लवी जी धार, चिराग जी इंदौर, आकाश जी पटना, मोनिका जी रीवा, अजय नागदा मंदसौर, पूर्णिमा जी ग्वालियर, कृष्णा ग्वालियर, जैसे सक्रिय वॉलंटियर्स हर समय लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं का डिजिटल और स्थानीय स्तर पर समाधान करने के लिए तत्पर है।