6 प्रतिशत कमीशन विवाद में लपेट गए सहायक सचिव:सीईओ शेलेन्द्र आदिवासी को क्लीन चिट - Shivpuri News

शिवपुरी। भोपाल समाचार की खबर पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पोहरी जनपद की ग्राम पंचायत धौरिया के सहायक सचिव महेश धाकड से वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए है। सहायक सचिव और पोहरी सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी का एक भ्रष्टाचार से भरा आडियो वायरल हुआ था,इसमें सीईओ शैलेन्द्र आदिवासी सहायक सचिव को धमका रहे थे,विवाद 6 प्रतिशत कमीशन को लेकर हुआ था।

यह था घटनाक्रम,यह सुनाई दे रहा है आडियो में

जनपद सीईओ शैलेन्द्र ने रोजगार सहायक धाकड से कहा कि तुमसे कहा था कि मुंह बंद रखना लेकिन तुम ने तो अपना मुंह ही खोल दिया। जिस पर रोजगार सहायक भगवान और अपनी कसम खाता दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं इसके बाद सीईओ ने तल्ख लहजे में कहा कि तुूम अपना मुंह बंद रखो वही तुम्हारे लिए बढिया होगा।

सरपंच को कैसे पता चला

आडियो में सुनाई दे रहा है कि सरपंच को यह बात कैसे चली तो रोजगार सहायक ने कहा कि वह जिला पंचायत में एसीओ के पास बैठते हैं और उनसे ही उन्हें पता चला होगा इतना ही नहीं रोजगार सहायक ने कहा कि सरपंच कह रहा था कि अब वह जिलेे से ही काम कराएगा।

मैैने कहा मत करना जियो टैग

सीईओ आदिवासी रोजगार सहायक धाकड से कह रहे हैं कि मुझे कुछ नहीं पता कि लेकिन मैने कहा है कि तुम जियो टैग मत करना। इतना ही नहीं इस पर रोजगार सहायक ने कहा कि यदि जिले से फोन आया तो क्या कहूं इस पर आदिवासी ने कहा कि यह तुम जानो।

अजीब गठवंधन था सहायक सचिव और सीईओ पोहरी का

ग्राम पंचायत के सहायक सचिव महेश धाकड़ पर जनपद सीईओ शैलेंद्र आदिवासी पहले तो इतने मेहरबान हुए कि उन्होंने पंचायत सचिव से हटाकर ग्राम पंचायत का चार्ज सहायक सचिव महेश धाकड़ को सौंप दिया।

इतना ही नहीं पूरे वित्तीय अधिकार भी सहायक सचिव को दे दिए गए लेकिन ग्रामीणों ने जब ग्राम पंचायत में हुई अनियमितताओं की शिकायत जिला पंचायत में की तो जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ की अगुवाई में बनाई गई 3 सदस्यीय जांच समिति ने जांच के बाद सहायक सचिव से वित्तीय अधिकार वापस ले लिए, लेकिन इस बीच जनपद सीईओ व सहायक सचिव का यह ऑडियो वायरल हुआ तो जनपद सीईओ व सहायक सचिव आमने-सामने आ गए।

कार्रवाई पर सवाल खडे हो रहे हैं

भोपाल समाचार की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई के नाम पर पंचायत के सहायक सचिव के वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए,लेकिन पोहरी के सीईओ पर कोई कार्रवाई नही हुई हैं। पोहरी जनपद के 1 दर्जन पंचायत ऐसी हैं जहां सरंपच और सचिवो ने मिलकर करोडो रूपए के घोटाले किए हैं और इनकी विधिवत शिकायत भी हुई हैं लेकिन कार्रवाई को जांच के नाम पर लटका दिया है। इस आडिया के बाद यह बात सिद्घ है कि कमीशन में कितनी दम हैं। 6 प्रतिशत दे जाओ और पूरी पंचायत का पैसा खा जाओ।