TV और मोबाइल देख लोग हुए बोर, डेढ माह से अधिक समय से हैं घरों में कैद - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना को लेकर शहर में लॉकडाउन लगाया गया है तो पूरे जिले में कोरोना की दस्तक के बाद पूरे जिले में ही पूरे मई तक लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में लोग डेढ माह से अधिक समय से घरों में कैद हैं तो डीजल पेट्रोल भी शहर में नहीं मिल रहा है जिससे भी लोगों को परेशानी हो रही है।

लोग घरों में बैठकर आखिर कब तक टीवी और मोबाइल पर समय बिताएं इससे वे सबसे अधिक परेशान हैं। कई लोग घरों में अधिक रहने के चलते मानसिक बीमारी का शिकार भी हो रहे हैं।

घर के बाहर तक नहीं निकल रहे बच्चे

कोरोना का कहर अब बच्चों पर भी दिखने लगा है जिसे लेकर माता पिता अधिक सतर्क हैं और वे अब बच्चों को घरों से बाहर तक नहीं भेज रहे हैं जिससे बच्चों में चिडचिडापन आ रहा है।

पीजा,बर्गर,पेटिस लॉक

बेकरियों पर ताले लगे हुए हैं और लॉकडाउन के चलते सारी बेकरियां लॉक हैं ऐसे में बच्चों के मनपसंद पीजा, बर्गर, पेटिस से लेकर पेस्ट्री तक  उनको नहीं मिल पा रही है।

कार्टून देख मन भर गया बच्चों का

बच्चों के सबसे पसंदीदा कार्टून चैनल है और बच्चे हर रोज कई घंटों तक टीवी पर कार्टून ही देख रहे हैं जिससे अब बच्चे भी इन कार्टूनों को देखकर परेशान हो गए हैं। बच्चों का कहना है कि गर्मी की छुटिटयों में वे कई बार अपने नाना नानी या मामा के यहां जाते थे लेकिन कोरोना के चलते दो साल से यह क्रम टूट गया है।

कोरोना ने बर्बाद कर दी गर्मी की छुटटी

बच्चों को पहले गर्मी की छुटिटयों का इंतजार रहता था और वे इनमें नाना नानी या फिर माता पिता के साथ हिल स्टेशन की ट्रिप पर जाते थे लेकिन कोरोना ने दो साल से ऐसा असर दिखाया है कि लोग घरों में ही कैद है और हिल स्टेशन की यादें महज यादें ही बनकर रह गई है।

गुस्सा और चिडचिडापन बढा

लोगों का कहना है कि पहले से ही कारोबार मंदा था ऐसे मे दो माह होने को हैं और बाजार पूरी तरह से बंद हैं ऐसे में काम धंधा चौपट हो गया है। इसकी चिंता में कई लोग मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चे और महिलाएं भी घरों में ही हैं जिसके चलते उनमें भी गुस्सा और चिडचिडापन आ रहा है।