हवा में मौजूद कोरोना को किल करेगी वायोनिक मशीन, मध्यप्रदेश में पहली मशीन शिवपुरी में लगेगी - Shivpuri News

शिवपुरी। हवा में मौजूद कोरोना वायरस को निष्प्रभावी करने के लिए जिला अस्पताल के तीन आईसीयू में राजमाता श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया ट्रस्ट के सौजन्य से कोरोना किलर के नाम से चर्चित विरोनिल मशीने लगाई जाएंगी। जिससे मरीज, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अटेंडर की आईसीयू में सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

प्रदेश सरकार की मंत्री और राजमाता विजयाराजे सिंधिया की सुपुत्री यशोधरा राजे सिंधिया 2 जून को अपने शिवपुरी आगमन पर उक्त मशीने लोकार्पित कर शिवपुरी को एक अनुपम सौगात भेंट करेंगी। इसके पहले कम्पनी की टैक्रीकल टीम व मशीने शिवपुरी पहुंच जाएंगी।

वैक्टीरिया फंगस एवं कोविड वायरस को वातावरण में ही खत्म करने के लिए अमेरिकी तकनीक से निर्मित मशीने पहली बार मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिला अस्पताल के तीन आईसीयू में राजमाता विजयाराजे सिंधिया ट्रस्ट द्वारा डोनेट कर स्थापित की जा रही हैं।

ट्रस्ट की चैयरमेन यशोधरा राजे सिंधिया को जब इस वायोनिल मशीन की खूबियों का पता चला तो उन्होंने इन्हें सबसे पहले शिवपुरी में लगाने का निर्णय लिया। यशोधरा राजे के सुपुत्र अक्षय भंसाली अमेरिका मेें निवास करते हैं और यशोधरा राजे ने इसकी जानकारी के लिए उन्हें निर्देशित किया।

उन्होंने विरोनिल कम्पनी मैनेजमेंट व टेक्रीकल टीम के साथ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर सिविल सर्जन और मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ. अक्षय निगम के साथ ऑनलाईन मीटिंग कर विस्तृत चर्चा की। डॉ. ऋषिश्वर अस्पताल में इसके इंस्टालेशन के लिए काफी उत्साहित थे और उन्हें महामारी में इसकी उपयोगिता समझ में आ गई थी।

उनका कहना है कि जिस कैम्पस में इस मशीन को फिट किया जाएगा, वह 30 मिनिट के अंतराल में अपना काम शुरू कर देगी और बिजली मिलने पर यह मशीन 24 घंटे काम करेगी। इसके कोई साईड इफेक्ट भी नहीं हैं और इससे सेनिटाईजेशन का खर्चा भी नियंत्रित होगा।

इस तरह काम करती है मशीन

वायरोनिल मशीन के बारे में यह दावा है कि इससे आईसीयू वार्ड का पूरा कैम्पल और वहां रहने वाले मरीज डॉक्टर, स्टाफ तथा अटेंडर पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। यह मशीन वायोपोलर आयोनाईजेशन पद्धति पर काम करती है। बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस को इंसान के शरीर में जाने से पहले ही यह मशीन खत्म कर देगी।

यह मशीन हवा में मौजूद सुक्ष्मकणों और जीवाणुओं को खत्म करने का काम करती है। मशीन से निकलने वाले सुपर ऑक्साईड हवा में मौजूद पानी से संयोग कर एच2ओ2 तथा ओएच- बनाता है और यह ओएच- कोरोना वायरस के सेल को तोड़कर उसे निष्क्रिय बना देता है।