कोरोना से देशी फ्रिज पर लगा ग्रहण, नहीं हो सकी मटकों की बिक्री - Shivpuri News

शिवपुरी। गर्मियों के आते ही देशी फ्रिज की याद आती है जी हां देशी फ्रिज यानि कि मटके लेकिन इस बार कोरोना के चलते बाजार को पूरी तरह से लॉक कर दिया गया तो वहीं नवरात्रि में लगने वाला राजेश्वरी मंदिर का मेला भी नहीं सका जिससे इस बार बाजार में देशी फ्रिज की बिक्री नहीं हो सकी। इतना ही नहीं बाजार में मटकों की दुकान पहले सजती थी लेकिन कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया ऐसे मे देशी फ्रिज कुमहारों के घरों में ही कैद होकर रह गए।

श्योपुर और राजस्थान से आते थे मटके बिकने

शिवपुरी के बाजार में श्योपुर और राजस्थान से भी मटके बिकने के लिए आते थे। राजस्थान के देवरी और कस्बाथाना से भी दुकानदार यहां आकर मटके बेचा करते थे और अपनी रोजी रोटी कमाते थे।

मटके रखे हैं घरों में कहां जाकर बेचे

कुमहारों ने गर्मी के लिए पहले से ही मटके बनाकर रख लिए थे। बलारी के मेले सहित राजेश्वरी मंदिर के मेले में खासकर मिटटी के बर्तनों की बिक्री होती थी इसलिए मटके, कुल्ली, गुल्लक से लेकर गमले व अन्य सामान कुमहारों ने बनाकर रखा था लेकिन लॉकडाउन ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।

घर - घर बने रखे हैं मटके बाजार में नहीं लगने दे रहे दुकानें

कुम्हारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर मटके और अन्य मिटटी के बर्तन तैयार किए थे जिससे वह कुछ कमा सकेंगे लेकिन कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन ने उनका सारा बजट ही बिगाडकर रख दिया है। हजारों रूपए माल घर में पडा है। ऐसे में उसे कहां जाकर बेचे कुछ समझ नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं उन्हें पुलिस वालो साइकिल पर रखकर भी सामान नहीं बेचने दे रहे हैं।