काले कोरोना में रंगीन दिखाई देने लगा हैं आसमान, ढील दे और काटी रे जैसी आवाजे फिर गुंजने लगी - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना के चलते 31 मई तक लोग घरों में लॉक हैं। ऐसे में शाम के समय लोगों का समय व्यतीत हो रहा है पतंगबाजी में। जी हां कोरोना के दौरान लोग पतंग का मजा ले रहे हैं। इसके लिए मांजा सहित पतंगे बाजार या कालोनियों की दुकानों से खरीदकर लोग लेकर आए हैं।

शाम होते ही लोग छतों पर पहुंच जाते हैं और पतंगों के उडने का सिलसिला शुरू हो जाता है। आसमान पर पक्षियों के बीच पतंगे भी उडती दिखाई देती है। इतना ही नहीं ढील दे, काटि हे की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।

कुछ साल पहले कम हुआ था पतंगों का क्रेज

कोरोना से पहले की बात करें तो पतंगों का क्रेज पूरी तरह से कम हो गया था और आसमान में गर्मियों में इक्का दुक्का पतंगे ही नजर आती थी लेकिन कोरोना ने जहां लोगों को घरों में कैद किया तो सांझ ढलते ही लोग अब घरों की छतों पर पहुंचकर पतंगबाजी का आनंद ले रहे हैं।

5 रूपए से लेकर 30 रूपए तक की पतंगे

बाजार में इन दिनों लॉकडाउन हैं ऐसे में कालोनियों की दुकानों पर पतंगे और मांजा मिल रहा है। 5 रूपए से लेकर 30 रूपए तक की पतंगे इन दुकानों पर मौजूद हैं। इतना ही नहीं मांजा और हिचका भी मौजूद हैं जो बच्चों को ज्यादा पसंद आ रहा है।

सांप सीढी, लूडो और कैरम भी लौटा

पतंग के साथ साथ अब घरों में दोबारा से सांप सीढी, लूडो और कैरम बोर्ड का खेल भी वापस लौट आया है। टाइम पास करने के लिए अब लोग कैरम बोर्ड और सांप सीढी का खेल खेल रहे हैं।