शिवपुरी में प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों के ऑफिस खुले, कर्फ्यू में कैद लोगों से वसूली शुरू, कहते हैं परमिशन मिल गई - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले एक तरफ कोरोना तो दूसरी तरफ कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक काम फायनेंस सेक्टर कर रहा है। यहां पिछले 1 माह से घरों में बैठे लोगों पर अब प्रायवेट फाईनेंस डंडा वसूली पर उतारू है। हालात यह है कि प्रायवेट फायनेंस कंपनीयां कलेक्टर और एसपी के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम कार्यालय खोल रहे है। यहां तक तो ठीक है परंतु यहां से फील्ड के कर्मचारीयों को जबरन बसूली के लिए भेज रहे है।

जानकारी के अनुसार बजाज फाईनेंस का आफिस जो कि झांसी तिराहे पर स्थिति है, इसके साथ ही श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कंपनी सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी के ऊपर कलारबाग़ कमलागंज शिवपुरी जिला कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध कार्यालय खोल रहे हैं एवं सभी कर्मचारियों को कार्यालय आने का दवाब बना रहे हैं। कार्यालय न आने पर नौकरी से निकालने की धमकियां दी जा रही है जिसके कारण सभी कर्मचारी कोरोना कर्फ्यू के बाबजूद कार्यालय आने को मजबूर है।

इसके साथ ही महिन्द्रा फाईनेंस,चोलामंण्डलम,आधार हाउसिंग फायनेंस,मेग्मा फाईनेंस सहित लगभग सभी फायनेंस कंपनीयां जिन कर्मचारियों के परिवार के सदस्य कोरोना संक्रमित है उन्हें भी दबाब बनाकर बुलाया गया है। अधिकांश कर्मचारी दूसरे शहरो से आए है जिससे संक्रमण का खतरा बहुत अधिक है। कर्मचारियों को आफिस बुलाने के बाद गांव में एवं शहर में क़िस्तो की बसूली के लिए भेजा जा रहा है।

यहाँ तक कि उन्हें हॉस्पिटल एवं मेडिकल पर ग्राहकों को बुलाकर क़िस्त लेने का दवाब बनाया जाता है और सभी कर्मचारी ऐसा कर भी रहे है। पूरे सप्ताह अवकाश एवं रविवार होने पर भी इनका कार्यालय खुल रहा है । कोरोना की इस कठिन परिस्थिति में ग्राहकों के घर जाना एवं बाज़ार में अनावश्यक घूमना और कार्यालय खोलकर कलेक्टर के आदेश को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे है।

हांलाकि इस मामले में कल पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने ग्राहको पर बसूली का दबाव बनाने के लिए फाईनेंस सेक्टर पर कार्यवाही की बात कही थी। परंतु यह फाईनेंस कंपनी एसपी से भी उपर जा रही है। और खुलेआम एसपी के आदेश को ठेंगा दिखाकर गुण्डा बसूली कर रहे है।