यह है कोरोना योद्धा: फेफड़ों में 60 प्रतिशत से अधिक संक्रमण, फिर भी किलर कोरोना को किल कर दिया - kolaras News

कोलारस। वर्तमान समय में कोरोना का कहर जिले पर जारी हैंं प्रतिदिन सैकडो मरीज पॉजिटिव निकल रहे हैं और 10 से अधिक मरीजो को कोरोना किल कर रहा हैं,लेकिन कुछ लोग अपनी ईच्छाशक्ति के बल पर किलर कोरेाना को भी किल कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं पत्रकार सुशील काले की।

सुशील काले प्रतिदिन खबरो के संकलन और समाज में जागरूकता बनाए रखने के लिए काम कर रहे थे,लेकिन खबरो के साथ साथ संक्रमण का संकलन हो गया। जिससे अस्पताल में भर्ती होने के केवल 7 दिन बाद ही ठीक होकर घर वापसी हुई।

मन के जीते जीत यह मंत्र ध्यान में रखकर मैंने कोरोना का डर अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया मुझे 15 दिन पहले हल्का सर्दी जुखाम हुआ था उसके बाद बुखार आने लगा जो दो-तीन दिन तक रहा जब मैंने कोविड की जांच कराई तब रिपोर्ट पॉजिटिव आई मैं घर पर आइसोलेट हो गया एवं घर पर रहकर मेडिसिन लेने लगा बावजूद इसके मेरा बुखार नहीं उतर रहा था


लगातार मुझे कमजोरी महसूस होने लगी तब डॉक्टर के परामर्श अनुसार मैंने सीटी स्कैन कराया डॉक्टर ने मुझे बताया कि 40 प्रतिशत फेफड़ों में संक्रमण फैल गया है मुझे भर्ती होने के लिए 108 से जिला अस्पताल भेज दिया गया उस समय बेड की काफी मारामारी होने के कारण ऑक्सीजन ठीक आने का बहाना बनाकर मेडिसिन देकर घर भेज दिया गया 40% इंफेक्शन वाले व्यक्ति को भी उन्होंने भर्ती करना उचित नहीं समझा

मेडिसिन देकर घर जाने को कहा उसके बाद मजबूरी में मैं प्राइवेट डॉक्टर से सलाह लेकर घर पर ही इलाज करवाता रहा लेकिन मेरे बुखार में कोई आराम नहीं था और मेरी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी तबीयत इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि मुझे नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया सीटी स्कैन कराने पर फेफड़ों में संक्रमण 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका था

हालत कुछ ऐसी थी कि कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती थी रात में सिर्फ दलिया खा कर सो जाता ऐसे समय में कोलारस एसडीएम गणेश जायसवाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रविंद्र शिवहरे, समाजसेवी चंचल पाराशर एवं पत्रकार राहुल शर्मा सहित राजनीतिक एवं पत्रकार बंधु चारों ओर से मेरा हौसला अफजाई करते रहे कहते रहे कि सब ठीक हो जाएगा।

उनकी यह लाइन ही मेरे लिए अमृत के समान थी इंजेक्शन की मारामारी के बीच अंततः मुझे रेमडेशिविर के 6 इंजेक्शन लग ही गए 1-1 इंजेक्शन हर रोज मेरे स्वास्थ्य को राहत दे रहा था सही समय पर इलाज होने से ठीक होकर मेरी घर वापसी हुई हैं।