2 बेटियां बनने जा रही थी बालिका वधू, पुलिस और महिला बाल विकास विभाग ने रोक लिए - Pohri News

पोहरी। कोविड संक्रमण के चलते प्रशासन द्वारा विवाह आयोजनों पर रोक होने के बावजूद भी लोग बिना किसी अनुमति के बाल विवाह के आयोजन करना चाह रहे थे। विभाग को सूचना मिलने पर कार्यवाही करते हुए दोनों बेटियों को बालिका बधू बनने से बचा लिया गया है तथा परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि गुपचुप तरीके से बाल विवाह किया तो कठोरतम कानूनी कार्यवाही झेलना पड़ेगी। परिजनों ने उम्र पूरी न होने तक विवाह न करने का लिखित आस्वासन दिया है।

परियोजना अधिकारी नीरज सिंह गुर्जर ने बताया कि परीच्छा गांव के प्रजापति परिवार में 14 वर्षीय किशोरी के बाल विवाह की सूचना मिलने पर सेक्टर पर्यवेक्षक सतविंदर राय एवं पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक एलआर शाक्य को गांव में भेजा गया था। उन्होंने परिजनों को बाल विवाह न करने के संबंध में समझाया तो उन्होंने उम्र पूरी न होने तक विवाह नहीं करने का भरोसा दिलाया है। इस दौरान स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राममूर्ति बाथम भी मौजूद रहीं।

आमई गांव के यादव परिवार में एक 17 वर्षीय किशोरी के विवाह की भी सूचना मिली। सूचना पर कार्यवाही के लिये सेक्टर पर्यवेक्षक उर्मिला जैन एवं उपनिरीक्षक एलआर शाक्य ने गांव में जाकर स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता यादव के साथ मौके पर जाकर उम्र के दस्तावेजों की जांच की। जिसमें किशोरी की उम्र 17 वर्ष से कम होना प्रमाणित हुई। परिजनों को समझाया गया,तो वे विवाह न करने के लिये सहमत हुए। उनसे उम्र पूरी होने से पहले विवाह न करने संबंधी बचनपत्र लिखवाया गया है।