मामला कोविड 19 के मरीज का: कलेक्टर शिवपुरी से सीधा सवाल, क्या जागरूकता पर FIR सही हैं - ललित मुद्गल@ एक्स-रे

शिवपुरी। वर्तमान समय में वैश्विक महामारी कोरोना का दौर चल रहा हैं,इस कोरोना जैसी गंभीर और खतरनाक संक्रमण से इस देश के हर नागरिक को लडना हैं,प्रशासन जन जागरूकता के लिए प्रचार प्रचार भी कर रहा हैं। शिवपुरी में प्रशासन ने कोरोना की संक्रमण की चैन तोडने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा हैं। लोगो को इसके लिए जागरूक भी कर रहा हैं,लेकिन शिवपुरी जिले में एक एफआईआर जनचर्चा का विषय बन गया हैं क्यो कि यह एएफआईआर जागरूकता के विरूद्ध की हैं,आईए इस जागरूकता के विरूद्ध होने वाली FIR का एक्सरे करते हैं।

पहले पढिए:क्या थी एक भारतीय नागरिक की जागरूकता

किसी भी शहर और देश का विकास आम नागरिक की जागरूकता पर निर्भर करता हैं कि आपका नागरिक कितना जागरूक हैं। अपने अधिकारो के लिए लडना और सिस्टम में होने वाली खामियो का उजागर करना भी जागरूकता की श्रेणी में आता है। इस समय कोरोना काल चल रहा हैं। जिले में शिवपुरी नगर के अतिरिक्त जिले के हर तहसील और बडे कस्बो में स्थानीय स्तर पर कोविड 19 की जांच शुरू कर दी हैं।

यह मामला भी कोरोना की जांच से जुडा हुआ हैं। बीते रोज एक खबर आपने पढी होगी कि क्या ऐसे जीतेंगे कोरोना से जंग: अपनी खुन्नस निकालने जबरन लुकवासा से शिवपुरी भेजा कोरोना पॉजीटिव, 4 घंटे सडक पर भटकता रहा इस खबर को शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

इस मामले को कम शब्दो में समझाने का प्रयास करते हैं। मामला कोलारस विधानसभा की लुववासा पीएससी से जुडा हुआ हैं,बीते रोज लुकवासा निवासी शिवेन्द्र रघुवंशी जो कि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का जिलाध्यक्ष है,कोरोना की जांच कराने लुकवासा उपस्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचे। जहां उन्होंने देखा कि उपस्वास्थ केन्द्र मेें कोई भी उपस्थिति नहीं है। जिस पर जागरूक युवक शिवेन्द्र रघुवंशी ने मोबाईल चालू कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का वीडियों बनाना चालू कर दिया।

जैसे ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों ने शिवेन्द्र को वीडियों बनाते देखा तो वह भडक गए और तत्काल पुलिस को बुला लिया। उसके बाद उक्त युवक का सेम्पल लिया जिसमेें युवक पॉजीटिव आया। तत्काल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारीयों ने अपनी खुन्नस निकालने उक्त युवक को एम्बुलेंस बुलाकर जिला चिकित्सालय में रैफर कर भेज दिया।

फिर मजेदार बात: पढिए शिवपुरी में क्या हुआ इस कोरोना पॉजिटिव के साथ

यहां तक को ठीक है। परंतु जैसे ही यह युवक जिला चिकित्सालय पहुंचा तो एम्बुलेंस युवक को छोडकर भाग गई। युवक जिला चिकित्सालय में पहुंचा तो डॉक्टरों ने युवक का चैकअप कर उसे होम आईसोलेट की सलाह दी। उसका आक्सीजन सामान्य था। वह शिवपुरी की सडको पर 4 घंटे तक लावारिसो की तरह घूमता रहा,फिर परिजनो को बुलाकर अपने निजी वाहन से वापस लुकवासा गया।

फिर क्या हुआ:प्रशासन ने इमेज को पॉलिश करने के लिए करा दी FIR

यह खबर मीडिया में चली तो लुकवासा स्वास्थ्य केन्द्र की खामिया उजागर हुई। कोलारस के स्वास्थय विभाग के सिस्टम को परेशान करने वाली खबर थी कि कैसे स्वास्थ्य केन्द्रो पर लापरवाही बरती जा रही हैं। प्रशासन ने अपनी इमेज की पॉलिश करने के लिए एक कहानी रची और शिवेन्द्र रघुवंशी पर शासकीय कार्य में बाधा पहुचाने की लुकवासा पुलिस चौकी में मामला दर्ज करवा दिया।

यह हैं FIR की कहानी
लुकवासा पुलिस चौकी में लुकवासा स्वास्थ्य केन्द्र की लैब टैक्निसियन कु.पुजा बुनकर ने शिवेन्द्र रघुवंशी के खिलाफ आवेदन दिया कि शिवेन्द्र रघुवंशी लुकवासा स्वास्थ्य केन्द्र पर आकर अपनी जांच कराने को कहा, मै उनकी जांच करनी चाही तो शिवेन्द्र रघुवंशी ने सैम्पल स्टीक को अपने हाथ से झटक दिया, जिससे उनकी नाक से लाल कलर आया।

इसके बाद वह क्रोधित हो गया उन्होने टेबिल से सारा समान फैक दिया और मेरे साथ गाली ग्लोच करने लगें, पूरे स्वास्थ्य केन्द्र पर बिना मास्क के वीडियो बनाने लगे, हमने कहा कि बिना मास्क के हॉस्पिटल मे मत घूमो पर नही माने। इस आवेदन पर से लुकवासा चौकी पुलिस ने शिवेन्द्र रघुवंशी पुत्र रामजीलाल रघुवंशी के खिलाफ अपराध क्रंमाक024-21 धारा 294,353,188,269,270 के तहत कायमी कर ली।

नोट: लैब टैक्निशियन ने आवेदन में लिखा हैं कि नाक से लाल कलर का कुछ आया,अब टैक्निशियन को यह भी जानकारी नही है कि नाक से लाल कलर का कुछ कैसे आ सकता हैं आऐगा तो केवल ब्लड ही, ऐसे लगता हैं कि इस आवेदन की स्क्रिप्ट घटना के आधार पर नही बल्कि टेबिल पर स्वास्थ्य बिभाग के किसी अधिकारी ने लिखी हैं।

क्या यह जागरूकता सही नही थी

कोरोना ऐसी महामारी हैं अगर भारत में इसका एक भी मरीज हैं तो फिर से यह पनप सकती हैं,इस संक्रमण के खिलाफ सरकारो और प्रशासन के साथ-साथ हर भारतीय को इससे लडना हैं। शिवपुरी में कोरोना की प्रदेश स्तर तक चर्चा है,प्रतिदिन जांच बडाई जा रही हैं। गांव गांव में लोगो को तलाशा जा रहा है कि कोई बीमार तो नही है।

अगर लुकवासा केन्द्र पर जांचो में लापरवाही बरती जा रही थी एक जागरूक नागरिक ने वीडियो बनाई, क्या करता वरिष्ठो से शिकायत करता। अगर मान लेते हैं कि स्वास्थय केन्द्र पर कोई गडबडी नही थी,तो वहां के कर्मचारी इतना डरे क्यो। शिवेन्द्र रघुवंशी का टेस्ट पॉजीटिव आने के बाद उसे शिवपुरी अस्पताल भेजा गया,फिर शिवपुरी अस्पताल में जांच के उपरांत उसे वहां से हॉम आईशोलेशन की सलाह देकर चलता कर दिया।

क्या लुकवासा स्वास्थय केन्द्र पर प्रत्येक कोविड के मरीज को शिवपुरी रैफर किया जाता हैं....वह गंभीर नही था फिर भी उसे शिवपुरी रैफर कर दिया गया क्यो...क्या यह खुन्नस नही थी। अगर वह गंभीर बीमार था तो फिर उसे शिवपुरी के जिला अस्पताल प्रबंधन ने हॉम आईशोलेशन की सलाह क्यो दी....की ऐसा तो नही लुकवासा क्षेत्र में जो संक्रमण फैला हैं वह स्वास्थय विभाग की लापरवाही के कारण फैला हैं।

ऐसे ही कई सवाल खडे हो रही हैं पॉजिटिव मरीज की शिवेन्द्र की FIR पर....क्या कोई व्यक्ति किसी शासकीय कार्यालय की खामिया निकालने और कलेक्टर शिवपुरी की शिकायत करने के लिए वीडियो नही बना सकता यह भी एक सवाल बडा हैं...क्या शिवपुरी में जागरूक होना गुनाह हैं क्या यह मामला कलेक्टर शिवपुरी को अक्षय कुमार सिंह के संज्ञान में हैं या इस मामले को किस तरह पेश किया गया उनके समझ यह सवाल भी बडा हैं और जबाब की तलाश में खडा हैं।

वही एक और मामला आज सुर्खिया बना

दो दिन पूर्व शिवपुरी की सोशल मीडिया पर चल रहा था कि एक मसाले के व्यापारी की पुलिस ने लट्ठों से मारपीट कर दी। जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर तडपने लगा। इस स्थिती को देख मारपीट करने वाले पुलिस कर्मी भाग खडे हुए। इसके बाद राहगीरो ने उसकी मदद की और वीडियो भी बनाया।

घायल मसाला व्यापरी अपनी चोटो के निशान दिखा रहा था और पुलिस पर तमाम तरह के आरोप लगा रहा था,इस वीडियो के वायरल होते ही शिवपुरी के नागरिको के निशाने पर प्रशासन आ गया। लेकिन आज वह व्यापारी आज प्रशासन के तारीफ में तमाम तरह के कसीदे गा रहा हैं और वीडियो वायरल कर रहा हैं आप समझ सकते हैं कि सिस्टम की पॉलिश करने के लिए प्रशासन क्या कर रहा हैं।