हल्दी और तेल चढ़ी बैठी है जिले में सैकड़ों दूल्हने, किसी भी कीमत पर रोक नही सकते फेरे - Shivpuri News

Lalit mudgal @शिवपुरी। कोरोना संक्रमण अपनी पूरी ताकत से अपना कहर बरसा रहा हैं,कोरोना को काबू में करने के लिए सरकार ने कोरोना कफ्यू लगाया हैं,लेकिन इससे भी कोरोना की चैन ब्रेक नही हो रही,पिछले साल से सबक लेते हुए प्रशासन ने शादियो पर सख्ती की,पहले 50 की परमिशन फिर 20 की फिर शादियो की परमिशन को ही शून्य कर दिया। अब जिले में सैकडो की संख्या में हल्दी और तेल चढी दूल्हने बैठी हैं।

जिन परिवारो में शादी हैं वह परिवार अब टेंशन में आ गए कि अब क्या करें। प्रशासन की मजबूरी हैं कि कैसे भी करके कोरोना की चेने को ब्रेक करना हैं,कोरोना की सुनामी इतनी हैं कि देश में आक्सीजन का टोटा हो गया। शिवपुरी जिले में ही अप्रैल माह में 20 से अधिक मौते हो गई हैं।

कोराना की पिछली लहर से दूसरी लहर अधिक ताकतवर हैं और इसमें जांचो के अनुपात में पाॅजीविटी का प्रतिशत 28 तक पहुंच गया हैं हर तीसरा या चैथा व्यक्ति संक्रमित निकल रहा है,अस्पतालो में बैंड के कम पड रहे है। ऐसी स्थिती में प्रशासन का यह कदम शदियो और तेहरवी रोक लगाना गलत नही हैं,लेकिन अगर हिन्दू संस्कृति की बात करे तो घर में अगर शादी की पीली चिठ्ठी आ जाती हैं तो शादी के मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं।

किसी भी किमत पर नही रूक सकते विवाह,हिन्दू परपंरा में अगर ...............

सनातन धर्म की हिन्दू संस्कृति में विवाह एक रस्म नही हैं बल्कि एक संस्कार हैं। मानव के जन्म से लेकर मृत्यू तक संस्कार होते हैं। जैसे जन्म होना जनमोउत्सव एक संस्कार हैं और मृत्यु होने पर मरने वाले का अंतिम क्रिया कर्म को अंतिम संस्कार कहते हैं। ऐसे विवाह एक संस्कार हैं जिसे हम पणिग्रहण संसकार कहते हैं।

आप सभी जानते हैं कि अगर घर में शादी की तेयारियां चल रही हैं पीली चिठठी आ चुकी हैं और लडका या लडकी पर हल्दी और तेल चढने की रस्मै शुरू हो चुकी हैं और ऐसे मे परिवार में किसी सदस्य की मौत भी हो जाए तो भी शादियां नही रूकती है। यह तो एक वायरस हैं,फिर कैसे यह शादिया रूकेंगी यह भी एक बडा सवाल है।

जिन घरो में शादिया हैं उन घरो में चिंताएं बढ़ गइ्र्र हैं और लोग परेशान हो उठे हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि सरकार को मानवीयता रखते हुए उन्हें कम संसाधनों और परिवार के लोगों की उपस्थिति में विवाह करने की अनुमति दी जाए।

SDM कार्यालय पर अनुमति लेने आए तब पता लगा कि दी गई अनुमतियां भी हो गई हैं निरस्त

एसडीएम कार्यालय पर आज सुबह बड़ी संख्या में लोग अनुमति लेने के लिए पहुंचे। जहां उन्हें ज्ञात हुआ कि अब कोई नई अनुमति नहीं दी जा रही है और जिन लोगों को पूर्व में अनुमति दी जा चुकी हैं, उनकी अनुमतियां भी निरस्त कर दी गई हैं। अचानक इस फैसले से वहां आए लोग चिंताग्रस्त हो गए।

घर में चार लोगों की उपस्थिति में करें विवाह, भीड़ की तो कार्रवाई होगीः SDM

एसडीएम अरविंद वाजपेयी का कहना है कि सरकार के आदेश के तहत सारी परमिशन निरस्त कर दी गई हैं। साथ ही कोई नई परमिशन भी नहीं दी जा रही है। जिससे लोगों को होने वाली परेशानी को हम समझ सकते हैं। लेकिन महामारी इतनी खतरनाक है कि हम किसी भी तरह से लापरवाही नहीं बरत सकते।

हालांकि मानवीय दृष्टिकोण से भी हम निर्णय ले रहे हैं और ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं कि बिना भीड़ के लोग परिवार के चार लोगों के साथ मिलकर घर में ही विवाह सम्पन्न कर सकें अगर लोगों ने भीड़ की तो फिर हमें मजबूरन उन पर कार्रवाइ कर उस आयोजन को रोकना पड़ेगा।