उम्र के यूँ बिखर गये कतरे गजल संग्रह का विमोचन - Shivpuri News

शिवपुरी।
साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य में समाज को परिवर्तित करने की शक्ति निहित होती है। आज समाज में चारों ओर भूख,बेकारी, परेशानी, अराजकता का माहौल है। ऐसे में समाज को प्रेरणादायी और समाधान कारक साहित्य की आवश्यकता है।

कवि साहित्यकार गोविन्द अनुज का यह गजल संग्रह 'उम्र के यूँ बिखर गये कतरे 'ऐसी ही काव्य कृति है। उक्त उदगार वर्मा सदन कोर्ट रोड शिवपुरी पर आयोजित एक संक्षिप्त विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति सदस्या एवं भारत विकास परिषद की पूर्व प्रान्तीय पदाधिकारी सरला वर्मा द्वारा व्यक्त किये गये।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह राजेश भार्गव ने कहा कि साहित्य समाज का पथ प्रदर्शक है। हमें ऐसे साहित्य के सृजन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जो समाज के विकास में योगदान दे सके।

पूर्व विधायक एवं साहित्यकार प्रहलाद भारती ने इस नये गजल संग्रह के प्रकाशन के लिए साहित्यकार गोविन्द अनुज को बहुत-बहुत बधाई दी एवं उनकी उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। राज्य कर्मचारी संघ के सक्रिय पदाधिकारी एवं प्रमुख समाज सेवी महेन्द्र श्रीवास्तव ने भी साहित्यकार गोविन्द अनुज की साहित्यिक सक्रियता की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता हम साथ-साथ हैं टीम की बरिष्ठ सदस्या सुषमा बंसल ने की। सुचारू और सफल संचालन बरिष्ठ साहित्यकार और हास्य कवि राम पंडित ने तथा आभार प्रदर्शन गीत गोविन्द साहित्यिक संस्था की सचिव प्रमिला सक्सेना ने व्यक्त किया ।