कितने लोगों की चिताओं पर जिंदा होगा मेडिकल कालेज में बना अस्पतालः सवाल बड़ा है - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में कोरोना का कहर जारी हैं,अप्रैल के माह के 18 दिनो में कोरोना संक्रमण 15 लोगो को अपना शिकार बना चुका है। तेजी से फैलते संक्रमण को कोरोना कर्फ्यू से काबू करने का प्रयास किया जा रहा हैं कितना काबू में आऐगा यह तो समय बताऐगा।

जिले में कोरोना के बडते मरीजो के कारण जिला अस्पताल के कोविड वार्ड पर दबाव अधिक हैं। सभी बैड फुल,प्रतिदिन जांचो में 150 से अधिक मरीज संक्रमित हो रहे है। ऐसे में सवाल उठता हैं कि कि शिवपुरी का मेडिकल काॅलेज क्या सिर्फ दिखाने के लिए है,क्या सिर्फ भाषणो के लिए हैं उपलब्धि बताने के लिए हैं।

इस मेडिकल काॅलेज में कहने को 400 बिस्तर का अस्पताल हैं। इसमें 30 आइसीयू बेड हैं। 100 बेड पर आक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था है जो सीधे आक्सीजन प्लांट से जुडी हैं, सिलेंडर बदलने का झंझट ही नही हैं,लेकिन यह कब शुरू होगा इसका कोई ठोस जबाब नही हैं।

जिम्मेदारो से बात करो तो सिर्फ एक ही जबाव है कि तैयारी चल रही हैं। इस समय युद्ध जैसे हालात हैं,देश में मेडिकल ईमरजैंसी हैं कोरोना हमारा दुश्मन बन हम पर आक्रमण कर रहा हैं। कोरोना के संक्रमण में सबसे अधिक संजीवनी है वह हैं आक्सीजन। मेडिकल काॅलेज के अस्पताल में आक्सीजन की कमी नही हैं। बताया जा रहा है कि मेडिकल काॅलेज के आक्सीजन प्लांट में 10 केएल की क्षमता का आक्सीजन टैंक हैं और प्लांट भी शुरू हो चुका हैं।

कोरोना से उखडती सांसो को थाम सकता हैं मेडिकल काॅलेज का अस्पताल

कोरोना के संक्रमण के कारण जिले में प्रतिदिन मौते होने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। अप्रैल के 18 दिनो में 15 लोगो का कोरोना अपना शिकार बना चुका हैं। मेडिकल कॉलेज के 400 बिस्तर के अस्पताल में 100 बेड ऐसे है जिनमें प्लांट से आक्सीजन जुडी है।

यह बेड मरीजो के लिए संजीवनी का काम कर सकते हैं,पिछले कई दिनो से सुनते आए हैं कि काम चल रहा हैं किसी भी दिन यह शुरू हो सकता हैं। इस अस्तपाल में 30 बेड का आईसीयू भी हैं जिससे गंभीर संक्रमित मरीजो को ईलाज मिल सकता है,अगर यह अस्पताल शुरू हो जाता हैं तो जिला चिकित्सालय के कोविड वार्ड पर दबाब कम होगा।

सूत्रो के अनुसार वर्तमान समय में कोविड का ईलाज करने के लिए पर्याप्त संसाधन जैसे आक्सीजन,दवाईया,पीपीई किट,मास्क,सैनिटाईजर आदि सामान मेडिकल कालेज के अस्पताल में उपलब्ध हैं।

सवाल बडा है कि इससे भी बडी इमरजेंसी क्या हैं

प्रदेश के मुखिया सहित कलेक्टर यह कहते हैं कि स्वास्थय सुविधाओ में कमी नही हैं,लेकिन जो संसाधन अपने पास हैं उनका इस संक्रमण से लडने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं तो इसको शुरू क्यो नही किया जा रहा हैं।

18 दिन 15 मौत अब इससे बडी भी कोई इमरजेंसी हो सकती हैं क्या सवाल बडा है और जबाव पाने के लिए खडा है। किसकी एनओसी का इंतजार हैं अगर जिम्मेदारो से बात करते हैं तो रटा रटा जबाब मिलता हैं कि जल्द ही शुरू होगा यह अस्पताल..........लेकिन जब तक बहुत देर हो चुकी होगी। न जाने हमे कितनी चिताए देखनी पडेंगी इस मेडिकल काॅलेज के अस्पताल के शुरू होने में.........