लॉकडाउन में एक बार फिर घर-घर में पढ़ी हो रही रामायण और गीता, बच्चे सुन रहे दादा - दादी से कहानी - Shivpuri News

शिवपुरी। लॉकडाउन में एक बार फिर लोगों को घरों में कैद कर दिया है। पार्क बंद है तो स्कूल भी बंद है बच्चों की आनलाइन क्लास वह भी महज एक दो घंटे की ही हो रही है। ऐसे में बच्चे कब तक टीवी देखें या फिर मोबाइल पर कार्टून या गेम खेले।

बच्चों को अच्छे संस्कार मिले इसे लेकर कई माता पिता ने अपने बच्चों को घर पर गीता, रामायण और अन्य धार्मिक ग्रंथों को पढने दिया है जिससे बच्चे अपने धर्म के बारे में जान सकें।

दादा दादी की कहानी का समय लौटा

कभी बच्चे रात के समय घरों में बैठकर दादा दादी से कहानी सुना करते थे लेकिन आज के इस भागदौड वाले युग में दादा दादी की कहानी बिसरे जमाने जैसी हो गई थी लेकिन अब घरों में बच्चे दादा दादी के पास बैठकर कहानियां सुन रहे हैं।

सांप सीढी और कैरम भी खेल रहे बच्चे

बच्चे पहले जहां मोबाइल पर ही गेम खेल रहे थे लेकिन लॉकडाउन में समय व्यतीत करने के लिए बच्चे घर पर ही सांप सीढी, लूडो और कैरम बोर्ड जैसे खेल भी अपने भाई बहन या माता पिता के साथ खेल रहे हैं।

मां बाप का मिल रहा दुलार

कोरोना के लॉकडाउन के चलते जहां कामकाजी महिलाएं और पुरूष अपने बच्चों को समय नहीं दे पा रहे थे लेकिन लॉकडाउन के चलते अब वह लोग घरों पर ही हैं ऐसे में बच्चों को माता पिता का दुलार भी मिल रहा है।