SHIVPURI CORONA NEWS: जिले में कोरोना से 4 मौत, मंगलवार को निकले 173 मरीज, एक्टिव केस 1271

शिवपुरी। शिवपुरी मे पिछले 10 दिनो से मौतो का क्रम चल रहा हैं उसकी चैन टूटने का नाम नही ले रही है। जिले में मंगलवार के दिन 4 मौत होने की खबर आ रही है। वर्ष 2021 के अप्रैल का कलैंडर मौत वाला माह के नाम से जाना जाऐगा,इस माह में लगभग 21 मरीजो की सांसे कोरोना छिन चुका है।

मंगलवार के दिन जिले के 625 लोगा की रिपोर्ट आई हैं उसमें 173 मरीजो की जांच पाॅजीटिव आई हैं। स्वास्थय विभाग के हैल्थ बुलेटिन के अनुसार मेडिकल कॉलेज शिवपुरी द्वारा मंगलवार को जारी 292 सैंपल टेस्ट की लिस्ट में 98 रिपोर्ट पॉजीटिव रहीं। वहीं रेपिड एंटीजन किट में 333 सैंपल जांच में 76 नए पॉजीटिव रिपोर्ट हैं।

इन लोगो की थामी कोरोना ने सांसे

वरिष्ठ पत्रकार सहित तीन कोरोना मरीजों की सांसें थमींरू जिला अस्पताल के कोविड आईसीयू में भर्ती कमला गुप्ता उम्र 78 वर्ष पत्नी एसएल गुप्ता निवासी विजयपुर कॉलोनी शिवपुरी की मंगलवार की तड़के 3ः45 बजे मौत हो गई। सुबह कोविड नियमों के तहत अंत्येष्टि कराई गई। दूसरी मौत मनोज चैहान उम्र 67 वर्ष पुत्र रणवीर सिंह निवासी महावीर नगर शिवपुरी की दोपहर 1ः10 बजे मौत हो गई।

अंत्येष्टि करके लौटे तो दोपहर 3-45 वरिष्ठ पत्रकार गोविंद गर्ग उम्र 70 वर्ष पुत्र भगवादास गर्ग निवासी कोर्ट रोड शिवपुरी ने कोविड आईसीयू में अंतिम सांस ले ली। एक साथ तीन मौतों से पूरा शहर गमगीन है।

वही चौथी मौत की खबर पिछोर से आ रही हैं। ग्वालियर इलाज कराकर लौटे अशोक की मौत, परिजनों ने जिद करके कोविड नियमों से अंत्येष्टि कराई
अशोक (47) पुत्र रामनिवास पाठक निवासी पाठक मोहल्ला पिछोर की मंगलवार की दोपहर 3 बजे मौत हो गई।

बड़े भाई सुनील पाठक ने बताया कि 1 अप्रैल को अशोक को वैक्सीशन लगी थी। फिर तबियत खराब हो गई। 8 अप्रैल को कोविड टेस्ट में रिपोर्ट पॉजीटिव निकली। ग्वालियर में इलाज चला और 16 अप्रैल को पिछोर वापस लोट आए। पिछोर अस्पताल से सात दिन की दवा ले आए। मंगलवार की सुबह फिर से तबियत बिगड़ी तो पिछोर अस्पताल में भर्ती कराया।

ऑक्सीजन की कमी के चलते ग्वालियर रेफर कर दिया। पिछोर से निकलते ही बाचरौन चैराहे पर अशोक पाठक की मौत हो गई। सुनील पाठक का कहना है कि भाई अशोक की मौत कोरोना से हुई है। प्रशासन आगे नहीं आया, लेकिन परिजन जिद पर अड़े रहे।

बाद में शाम 5 बजे नगर परिषद का ट्रैक्टर मंगाकर कोविड नियम के तहत मुक्तिधाम पर अंत्येष्टि कराई। स्वास्थ्य विभाग मृतक को निगेटिव बताता रहा, जबकि रिपोर्ट के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं करा सके।