कालाबाजारी आपदा पर भारी: आटा 30 के पार, फोन पर नहीं पहुंचा रहे माल - Shivpuri News

शिवपुरी। एक ओर जहां लॉकडाउन से बाजार पूरी तरह से लॉक है तो दूसरी ओर कालाबाजारी चरम पर है। प्रशासन ने दावा किया था कि कालाबाजारी पर अंकुश लगाने टीम बनाई जाएगी इतना ही नहीं व्यापारियों से रेट लिस्ट चस्पा करने की बात कही थी लेकिन सारे नियमों को तांक पर रखकर लोगों के लिए दो जून की रोटी जुटाने के लिए भी पहले की अपेक्षा ज्यादा दाम चुकाने पड रहे हैं। इतना ही लॉकडाउन ने लोगों का रोजगार तक छीन लिया है।

आटा, तेल दाम आसमान पर

पहले जहां आटे का दाम 22 से 25 रूपए किलो तक था लेकिन लॉक डाउन के साथ ही लोगों को दो जून की रोटी के लिए दाम अधिक चुकाने पड रहे हैं। आटा 30 रूपए किलो हो गया है तो खाने के तेल के दाम भी 150 के पार हो गए हैं। ऐसे में लोगों की जेबों पर अतिरिक्त भार पड रहा है।

बिस्किट और चाकलेेट के भी बढे दाम

बच्चों की रोजमर्रा के बिस्किट और चाकलेट के दाम भी इन दिनों लॉकडाउन में आसमान छू रहे हैं। थोक दुकानदारों ने हर पैकिट पर 10 से 20 रूपए तक बढा दिए हैं जिससे छोटे दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड रहा है।

राजश्री 15 के पार, तानसेन 6 के पार

गुटखा पर भी कालाबाजारी शुरू हो गई है। राजश्री जो पहले 10 रूपए में मिलती थी उसके दाम बढाकर 15 रूपए कर दिए है तो वहीं तानसेन की पाउच 5 रूपए से बढाकर 6 रूपए कर दी गई है।

लॉकडाउन में लॉक रोजगार

लॉकडाउन में रोजगार भी पूरी तरह से लॉक हो गया है। खासकर उन परिवारों में समस्या खडी हो गई जो दिन भर मेहनत मजदूरी कर दो वक्त की रोटी कमाते थे। तुलसीनगर में रहने वाली रामकली की भी यहीं दास्तान हैं वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पेट पालती थी लेकिन अब मजदूरी ही नहीं तो बच्चों का पेट कहां से भरे।

कालाबाजारी रोकने के दावों की निकली हवा

प्रशासन ने लॉकडाउन के पहले मीटिंग आयोजित कर कालाबाजारी रोकने सहित व्यापारियों को दुकानों पर रेट लिस्ट चस्पा करने की बात कही थी लेकिन यह सब दावे थोथे साबित हो रहे हैं और प्रशासन का कालाबाजारियों पर कोई अंकुश नहीं हैं। वही प्रशासन ने किराना दुकानो के नंबर जारी किए थे और आदेशित किया था कि माल घर पहुंचाया जाऐगा,लेकिन ऐसा नही हो रहा हैं दुकानदार कहते हैं खुद ही आकर ले जाओ स्टाफ नही हैं।