काली रात का काला सच:आधी रात ड्यूटी रूमें नर्स की सुरक्षा में सास,किराए पर चलती मिली नौकरी - Shivpuri News

निशि भार्गव,शिवपुरी। 22 लाख की आबादी को इलाज मिल सके इसके लिए सरकार ने करोडों रूपए खर्च कर जिला अस्पताल के सारी सुविधाएं मुहैया कराई। यहां स्टाफ की तैनाती भी की गई लेकिन हर माह हजारों रूपए की पगार लेने वाले ये शासकीय कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति कितने संवेदनशील है इसकी बानगी देखने को मिली जिला अस्पताल में जहां एक कर्मचारी अपनी नौकरी को किराए पर चला रहा हैं,वही एक नर्स अपने सास की सुरक्षा में मिली।

केस नंबर 1:किराए पर चलती मिली नौकरी

जिला अस्पताल में जब शिवपुरी समाचार की टीम रात 12 बजे पहुंची तो यहां कोरोना वार्ड में वार्ड बॉय अनिल शर्मा मिले जिनकी डयूटी तो रात 10 बजे खत्म हो गई थी लेकिन यह निरंजन शर्मा की डयूटी किराए पर कर रहे था वह भी शराब के नशे में धुत्त होकर। कोरोना जैसे संवेदनशील वार्ड में शराब पीकर किस तरह से मरीजों का ख्याल रखा जा सकता है इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं।

अनिल बोला हां पी है थोडी शराब माफ कर दो

जब वार्ड बॉय अनिल से टीम ने बात की तो पहले तो वह मान ही नहीं रहा था कि वह शराब के नशे में धुत्त है लेकिन जब टीम ने कडाई से पूछा तो उसने स्वीकार किया कि वह शराब पिए है और वह निरंजन शर्मा की डयूटी कर रहा है। जबकि निरंजन अपने घर पर सो रहा है।

कार्रवाई होगी, शराब पी है तो

कर्मचारियों के द्वारा अपनी डयूटी किसी दूसरे व्यक्ति से डयूटी दिलवा रहा है तो यह गलत है ऐसे लोगों के विरूद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी साथ ही यदि डयूटी पर शराब पी रखी है तो ऐसे कर्मचारी को विरूद्ध केस दर्ज तक हो सकता है। यदि ऐसा है तो हम इन कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करेंगे।

रात 12:30 बजे:ड्यूटी रूम में नर्स की सुरक्षा में मिली सास

रात 12:30 बजे जब जिला अस्पताल पहुंची तो वहां एक स्टाफ नर्स के रूम का दरवाजा खटखटाया तो वह सोती मिली। जब अंदर का नजारा देखा तो टीम भी चौेंक गई। इन नर्स की सास उनकी सुरक्षा में तैनात मिली और वह अपनी बहु की सुरक्षा के लिए आई थी और सासू मां पलंग पर सो रही थी और नर्स बहु अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही थी। नर्स नीलू को उठाया तो वह गहरी नींद में थी जब उनसे पूछा गया कि पलंग पर कौन सो रहा है तो उनका कहना था कि वह उनकी सास हैं।

नर्स बोली लगता है डर

जिला अस्पताल में सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात किए गए है और इन पर हर माह लाखों रूपए का खर्च भी किया जा रहा है लेकिन यहां तैनात महिला नर्स अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं करती है। यहीं कारण है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अपने परिजनों पर आश्रित हैं यहीं कारण है नर्स नीलू अपनी सास को लेकर रात के समय अपनी डयूटी देते नजर आई।

यहां यह बोले CMHO

यदि स्टाफ नर्स अपने परिजनों को लेकर आती है तो उसके लिए अधिकारियों को संज्ञान में लाया जाना चाहिए लेकिन किसी भी परिस्थिति में परिजनों को अस्पताल में लाकर डयूटी नहीं दी जा सकती है।

रात 1 बजे दर्द से तडपती रही प्रसूता नहीं पसीजा कर्मचारियों का दिल

रात 1 बजे जिला अस्पताल की प्रसूति विंग मे खोईया गांव से आई एक प्रसूता को घंटों तक दर्द से तडपना पडा लेकिन उसकी सुध स्टाफ तक ने नहीं ली।

अनीत पत्नी अर्जुन निवासी खोईया को प्रसव पीडा के चलते उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां वह दो घंटे तक दर्द से तडपती रही लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई भी सामने नहीं आया जिसके बाद शिवपुरी समाचार की टीम पहुंची तो पीडित अनीता ने बताया कि वह दो घंटे से अस्पताल में भटक रहे हैं लेकिन उनकी सुध् लेने न तो स्टाफ आया और न ही डॉक्टर।

सीएमएचओ डॉ एएल शर्मा से बात की तो उनका कहना है कि मेटरनिटी विंग को आदर्श मेटरनिटी विंग का दर्जा प्राप्त है और वहां हर समय स्टाफ मौजूद रहता है। ऐसे में यह कहना गलत होगा कि वहां स्टाफ नहीं है। लेकिन हकीकत यह है कि स्टाफ तैनात तो रहता है लेकिन हरे हरे नोटों की खनक जब तक उन तक नहीं पहुंचती है वह तब तक इन प्रसूतियों को अपने ही हाल पर छोड देते हैं।