खतौरा मंडी भगवान भरौसे, सचिव एक माह में एक बार आते है, प्रायवेट कर्मचारियों के भरौसे मंडी - kolaras News

भानू प्रताप सिंह यादव@खतौरा। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग के खतौरा स्थिति कृषि उपज मंडी से आ रही है। जहां पदस्थ मंडी सचिव ने मंडी को प्रायवेट लिमिटेड बना दिया है। हालात यह है कि यहां पदस्थ मंडी सचिव एक एक माह तक मंडी में नहीं आते। एक दिन आकर पूरे माह की हस्ताक्षर कर चले जाते है। ऐसा हम रिकोर्ड के आधार पर नहीं बल्कि उन्होंने स्वयं यह बात स्वीकार की है।

जानकारी के अनुसार मंडी सचिव वकील सिंह मावई लंबे समय से खतौरा मंडी में पदस्थ हैं तथा उनका कई सालों से यही हाल है महीने में 1 दिन आकर रजिस्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर 1 महीने के हस्ताक्षर 1 दिन में कर चले जाते है। हालात यह है कि यह मंडी एक कर्मचारी और एक चपरासी के भरोसे चल रही है मंडी में बोली लगाने के लिए प्राइवेट कर्मचारी लगा रखे हैं।

यहां तक तो ठीक है परंतु जब शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम हालातों का जायजा लेने मंडी में पहुंचे तो लगभग 3 साल से किसानों के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं है न ही मंडी ऑफिस में शौचालय है। शौपीश के लिए शौचालय बने तो है। परंतु उसमें ताले पड़े हैं।

कई शौचालय तो ऐसी है जिसका टैंक तक नहीं है। खाली सीटें जमी है,न ही ऑफिस के शौचालय में सेप्टिक टैंक है और ना ही बाहर किसानों के लिए बने शौचालय में सेप्टिक टैंक है, एक कर्मचारी वीरेंद्र सिंह बाथम ग्वालियर मंडी में अटैचमेंट ले रखा है।

वेतन यहां से ले रहे हैं लगभग सैकड़ों के साथ रोज मंडी में आते हैं उनको कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है 1 महीने पहले तहसीलदार द्वारा निरीक्षण किया गया था फिर भी सचिव का रवैया ऐसा वैसा बना हुआ है।

इनका कहना है
अरे सहाब! ऐसा नहीं है मेरी बेटी की तबियत ठीक नहीं थी। जिसके चलते 15 दिन से ही नहीं पहुंचा। में अब आ रहा हूं। मिलकर बात कर लेंगे। इस मामले को ज्यादा तूल देने की क्या जरूरत है में मिलकर बात कर लूंगा। में आपका भाई ही हूं।
वकील सिंह मावई,मंडी सचिव खतौरा।