भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सीवर 12 साल में 57 करोड़ से 125 करोड़ पर पहुंची,फिर भी योजना पर ग्रहण - Shivpuri News

शिवपुरी। शहर की ढाई लाख आबादी को सीवेज परियोजना से जोडने के लिए वर्ष 2009 में तत्कालीन सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा केंद्र सरकार से सीवर परियोजना स्वीक्रत कराई गई और करीब 57 करोड की यह परियोजना 2 साल में पूरी होनी थी लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी आज भी योजना जस की तस है और शहर सहित लोगों ने बदहाली का दंश भी इस योजना के चलते झेला। 57 करोड की यह योजना अब तक 125 करोड रूपए की हो चुकी है बावजूद इसके काम अब भी अधूरा ही है।

पार्क क्षेत्र में बिछ रही लाइन

इन दिनों माधव नेशनल पार्क क्षेत्र में लाइन बिछाई जा रही है जिसका काम दो साल से चल रहा है और यहां पत्थर होने के चलते पहले ब्लास्टिंग की अनुमति मांगी थी लेकिन अब पोकलेन से पत्थरों को खोदकर लाइन बिछाई जा रही है।

सिंध के पानी से चलेगा प्रोजेक्ट

झील संरक्षण परियोजना के अंतर्गत तैयार हो रही सीवर परियोजना का संचालन सिंध के पानी से होगा। नगर से सीवर को करीब 9 किलोमीटर दूर ट्रीटमेंट प्लांट तक बहाकर ले जाने के लिए प्रति परिवार 500 लीटर पानी की आवश्यकता होगी।

घसारई तालाब के पास बना ट्रीटमेंट प्लांट

सीवर परियोजना के लिए शहर से दूर घसारई तालाब के पास ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। इसी ट्रीटमेंट प्लांट में शहर का सीवर पहुंचेगा। प्लांट अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जिसमें सीवर का ट्रीटमेंट होने के बाद उसके पानी का उपयोग भी किया जाया करेगा।

40 हजार घरों में होना है कनेक्शन

नगर में 100 किमी सीवर लाइन बिछाकर करीब पौने दो लाख आबादी के लिए 40 हजार मकानों को सीवरेज परियोजना के तहत कनेक्शन देकर जा़ेडा जाना है। इसमें ब्रांच लाइन, चेंबर और मुख्य लाइन शामिल हैं। यह काम नपा को करना है।

नपा ने शुरू नहीं किया काम

नपा और पीएचई के बीच सामंजस्य का अभाव है यहीं कारण है कि अब तक पीएचई ने किसी तरह की बात नपा से कनेक्शन को लेकर नहीं की है जिसके चलते नपा भी काम शुरू नहीं कर रही है। परियोजना का काम भी पूरा न होने के चलते नपा के अधिकारी और पीएचई के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।