अभी भी रहस्य बनी हुई है लापता प्रदीप की कहानी,बोला कुछ सुंघाकर ले गए,मैं मुक्का मारकर भाग आया - Shivpuri News

शिवपुरी। कल शाम से लापता गुरूद्वारा चौराहे से पुरानी शिवपुरी रोड़ के बीच स्थित तारकेश्वरी कॉलोनी में रहने वाला 12 वर्षीय बालक प्रदीप पुत्र वीरेंद्र कुशवाह 17 घंटे पश्चात भयभीत और घबराई हुई मुद्रा में वापिस लौट आया है। इस मामले में पुलिस लगातार युवक से पूछताछ कर रही है। परंतु मासूम की कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह अपने घर के पास स्थित पाटौर से निकलकर बाहर आया। बताया जाता है कि उक्त पाटौर किसी बाथम की है और उसमें कोई नहीं रहता। बालक के आने के पश्चात पुलिस उसे पूछताछ के लिए ले गई। समाचार लिखे जाने तक बालक से पूछताछ जारी है।

लेकिन सूत्रों के अनुसार उसने पुलिस को बताया कि जब वह अपने घर से शाम 7 बजे निकला तो कुछ लोगों ने उसे कुछ सुंघा दिया और इसके बाद उसे कार में रखकर ले गए। पप्पू समोसे वाले के पुत्र प्रदीप कुशवाह के परिजनों ने भी पुलिस को उसके अपहरण की आशंका जताई थी। टीआई सुनील खैमरिया ने बताया कि बालक से पूछताछ की उसके बाद उसे सीव्डब्लूसी को सौंप दिया है। जहां उक्त मासूम वही कहानी सीडब्ल्यूसी को बता रहा है।

जानकारी के अनुसार कल शाम 7 बजे से प्रदीप पुत्र वीरेंद्र कुशवाह अपने घर से रहस्यमय ढंग से गायब हो गया। उसके परिजनों ने देहात थाने में बालक की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाकर उसके अपहरण की आशंका जताई थी। संस्कार स्कूल में कक्षा 6 में पढऩे वाला उक्त बालक अपने घर मेें शाम 7 बजे पूजा करने के बाद बाहर निकला था और इसके बाद लौटकर नहीं आया।

पड़ोस में स्थित सीसीटीव्ही कैमरे में वह एक दुकान के बाहर खड़ा हुआ अवश्य दिखाई दे रहा है। लेकिन इसके बाद वह कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं लगी। बालक की तलाश में रातभर उसके परिजन और मोहल्ले वाले जुटे रहे। सुबह होते-होते इलाके में भय और दहशत का वातावरण व्याप्त हो गया।

सुबह 9 बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया बालक के निवास स्थान पर पहुंच गए और उन्होंने उसके पिता पप्पू समोसे वाले से जानकारी ली। जानकारी मिलने पर पुलिस बालक के घर पर पहुंची और अन्य थानों का बल वहां तैनात कर दिया। पुलिस बालक की तलाश में जुट गई है। वहीं मामले में भादवि की धारा 363 के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।

इस मामले में पुलिस को मासूम ने कहानी बताई है कि वह घर के बाहर था तभी दो अज्ञात युवक जिनकी लंबाई 6 फिट के लगभग है वह आए और उसे कुछ सुघाकर बैहोस कर अपने साथ ले गए। उसके बाद जब उसे हौस आया तो वह दोनों युवकों में मुक्का मारकर उसके चंगुल से भाग कर आ गया। उसके बाद वह अपने घर के पास में ही आकर बैहोश हो गया। और वह वही सो गया।

सुबह जब आंख खुली तो वह आ गया। हांलाकि यह फिल्मी कहानी पुलिस सहित किसी के भी गले नहीं उतर रही। जिसके चलते पुलिस ने उक्त युवक की काउंसलिंग के लिए सीडब्ल्यू सी को दे दी। जिसपर से उक्त मासूम सीडब्ल्यूसी को भी वहीं कहानी बता रहा है। जिसपर से सीडब्ल्यूसी ने इस मामले में मासूम को पुलिस के सामने ही परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। अब असल कहानी क्या है यह अभी भी रहस्य बना हुआ है।