विधायक ने फिता काटा ,मंत्री जी शोचालय का लोर्कापण कर आए, स्कूल चलता है क्या पता नही - Shivpuri news

शिवपुरी। शासन की योजनाओ और पैसो का कैसे दुरूपयोग किया जा रहा हैं इसका जीता जागता उदाहरण हमे देखने को मिला हैं, जन प्रतिनिधि जिन विकास कार्यो को अपने होर्डिंग और बैनर पोस्टरो पर शोभा की बडाते हैं उनका क्या होता हैं यह भी हमे देखने को मिल रहा हैं। आप और हमारे द्धवारा दिया गया टैक्स के रूप में पैसा जो शासन को दिया जाता हैं वह वापस आता हैं जनकल्याण के लिए उसका उपयोग कैसे होता हैं यह भी हमे देखने को मिला है। मामला 1 करोड के स्कूल भवन का है।

 जिला मुख्यालय के नजदीक पाेहरी विधानसभा के चिटोरा गांव में एक करोड़ की लागत से बनकर तैयार हाईस्कूल की बिल्डिंग का मामला प्रकाश में आया हैं,इस बिल्डिंग का तात्कालिन विधायक 2017 में बडी ही आन बान शान से लोकार्पण कर आए फिता भी काट आए लेकिन बिल्डिंग में स्कूल शुरू नही हुए है। अब इस बिल्डिंग में दिमक ने अपना कब्जा जमा लिया है।

वर्तमान पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ भी इसी स्कूल परिसर में सुलभ शौचालय का लोकार्पण करके चले गए, लेकिन बिल्डिंग की सुध तक नहीं ली,लोकार्पण कराने अधिकारियो से इस स्कूल के विषय में बातचीत करने की गनीमत भी नही की,पूछा भी नही कि स्कूल चल रहे हैं कि नही।

इससे प्रतीत होता हैं कि मंत्री-विधायकों की रुचि सरकारी भवनों के फीता काटने में है, जनता को सुविधा मिल रही है या नहीं, इससे लेना देना नहीं है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत 1 करोड़ रुपए की लागत से चिटौरा में नवीन हाई स्कूल बिल्डिंग 30 जून 2017 में बनकर तैयार हो गई। लेकिन स्कूल प्राचार्य को हैंडओवर की सूचना तक नहीं मिली।

मीडिया ने मामले में छानबीन की तो पीआईयू अधिकारियों ने बताया कि 24 जून 2018 को तत्कालीन डीईओ अजय कटियार को बिल्डिंग हैंडओवर की जा चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में रमसा का कार्य देखने वाले एडीपीसी मोहम्मद सरीफ ने पूछने पर बताया कि हैंडओवर की फाइल तत्कालीन डीईओ के बंगले पर रखी है।

वही ग्रामीणो ने बताया कि स्कूल परिसर में पीएचई ने हैंडपंप के लिए छह साल पहले बोर खनन कराया है। पाइप लाइन डालने की बजाय आनन फानन में खाली खोखा रखकर चले गए। सामने ही आंगनबाड़ी केंद्र है, बच्चों के लिए पीने का पानी दूर से लाना पड़ता है।

स्कूल की डीपी से चल रही हैं गांव में लाइट
स्कूल के लिए अलग ट्रांसफार्मर रखा है, जो चालू है, लेकिन उससे गांव वाले लाइट जला रहे हैं। बिजली कंपनी 18 हजार रु. का बिल थमा चुकी है। जबकि बिल्डिंग बंद होने से लाइट जलाई तक नहीं। खुले तारों से बच्चों की जान को खतरा है।

मिडिल स्कूल में 9वीं, 10वीं की कक्षाएं लगा रहे
हाई स्कूल बिल्डिंग हैंडओवर के संबंध में हम डीईओ ऑफिस पत्राचार कर चुके हैं। हमें लिखित में कोई जवाब नहीं मिला। अभी बिल्डिंग अधूरी है। फिलहाल 9वीं व 10वीं की कक्षाएं मिडिल स्कूल बिल्डिंग में लगा रहे हैं। एसआर धाकड़, प्राचार्य, हाई स्कूल चिटोरा

दीमक से गेट ही अलग हुए
वर्तमान में स्कूल में लकड़ी के गेट को दीमक चट कर गई है, जिससे गेट अलग हो गए हैं। दीवारों में भी जगह-जगह दीमक लगी हुई है। कई जगह दीवारों में क्रेक भी आ गए हैं। स्कूल बिल्डिंंग पर बड़े अक्षरों में शासकीय हाईस्कूल चिटोरा भी नहीं लिखवाया है।

अधूरी बिल्डिंग हैंडओवर कैसे हुई, मामले की जांच कराएंगे
रमसा का सारा काम एडीपीसी मोहम्मद शरीफ देखते हैं। इसकी पूरी जानकारी उनको होना चाहिए। भोपाल से लौटकर जानकारी लेता हूं कि अधूरी बिल्डिंग कैसे हैंडओवर हुई, इस मामले की जांच कराएंगे।
दीपक पांडेय, जिला शिक्षा अधिकारी शिवपुरी