अभी भी लाॅकडाउन लगा हुआ हैं पात्र अभ्यार्थियो के जीवन मेंः कोई जूता पाॅलिश, तो बेच रहा हैं सब्जी - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना काल के सफर में लाॅकडाउन से लेकर अनलाॅक तक के सफर में सब कुछ लगभग शुरू हो गया हैं। अब कोरोना से सीधी फाईट के लिए वैक्सीन भी आ गई हैं,कुछ माह में सबकुछ समान्य हो जाऐगा,लेकिन संविदा वर्ग 2 की पात्रता परिक्षा पास करे अभ्यर्थियो के लिए भर्ती का लाॅक अर्भी भी लगा हुआ हैं।

कहने का सीधा सा अर्थ हैं कि इनके जिदंगी अभी भी अनलाॅक का इंतजार कर रही हैं। संविदा वर्ग 2 पात्रता की परीक्षा में सफल अभ्यार्थियो को अभी भी अपनी भर्ती का इंतजार हैं। सफल अभ्यार्थी बेरोजगार बने हुए हैं और कष्टमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं।


ये अभ्यर्थी बेरोजगारी का दंश इस प्रकार झेल रहे हैं कि कोई जूता पॉलिस कर रहा है तो कोई सब्जी बेच रहा है। इतना ही नहीं चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा पास करने के बाद भी भर्ती को कोरोना का बहाना बनाकर रोक दिया है। जबकि अन्य सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक गतिविधियां बखूबी संचालित हो रही हैं।

कोरोना सिर्फ संविदा शिक्षक भर्ती को हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बेरोजगारी से इतने तंग आ गए हैं कि मजबूरन हमें जूता पॉलिस तो कई को सब्जी बेचना मजबूरी हो गई है। गौरतलब यह है कि ब्लॉक से 80 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की थी और भर्ती नहीं होने से बेरोजगार होकर परेशान बने हुए हैं।

कोरोना का बहाना बनाकर सिर्फ शिक्षक भर्ती रोकी
चयनित शिक्षकों कहना है कि परीक्षा पास के बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस कारण चयनित शिक्षक अभ्यर्थी बेरोजगार होकर दर.दर भटक रहे हैं। इतना ही नहीं उनकी कहीं भी भर्ती संबंधित सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार कोरोना का बहाना बनाकर अभी भी शिक्षक भर्ती नहीं कर रही यह बात पिछोर ब्लॉक के सभी चयनित शिक्षकों ने एकत्र होकर कही। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि इसके लिए हम प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पिछोर आगमन पर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा भी सौंप चुके हैं।

चयनित शिक्षक घर खर्च के लिए दर.दर भटक रहे
चयनित शिक्षक प्रदीप अहिरवार ने बताया कि मजबूरन सब्जी बेचकर व मजदूरी करने के बाद भी घर खर्च नहीं चल पा रहा है। वहीं गायत्री मंदिर चैराहे पर दिनेश जाटव जूता पॉलिस कर दो रोटी की जुगाड़ में दिन भर धूप में बैठे रहते हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो परिवार चलाना मुश्किल होगा।

चार साल बाद कराई थी पात्रता परीक्षा
मध्य प्रदेश सरकार ने 8 वर्ष बाद 2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा करवाई थी। इसका परिणाम आने के बाद भी चयनित शिक्षकों को बेरोजगारी की मार झेलना पड़ रही है। वहीं वेरिफिकेशन शुरू होने के बाद बीच में ही कोरोना काल में बंद कर दिया था, लेकिन अब तक शिक्षक भर्ती को विराम लगा हुआ है।


सरकार की कथनी और करनी में है अंतर
चयनित शिक्षकों ने कहा कि हमारी भर्ती करने के लिए कब तक कोरोना का बहाना बनाया जाता रहेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान अपने आप को मध्य प्रदेश का मुखिया और मामा बनकर कहते हैं कि जब तक मैं जिंदा हूं तब तक किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनकी कथनी और करनी में अंतर लग रहा है।