BF के घर पहुंची GF, फोन लगाकर बोली तुम नहीं आए तो में आत्महत्या कर रही हूं और जहर गटक लिया - Shivpuri News

शिवपुरी। शहर के ग्वालियर बायपास क्षेत्र में रहने वाली 20 वर्षीय युवति ने अपने दूसरे के घर जाकर जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। सुबह 11.30 बजे उसके पिता उसे साइंस कॉलेज छोड़कर आए थे। इसके करीब एक घंटे बाद उसके बेसुध होने की खबर मिली तो लड़की को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां लड़की हालत बिगडऩे पर उसे ग्वालियर रैफर कर दिया गया। वहीं जिस युवक के घर पर युवति ने जहर खाया उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार सौनचिरैया होटल के सामने इंद्रप्रस्थ नगर में रहने वाली 20 वर्षीय युवति ने पोहरी बायपास रोड स्थिति अपने प्रेमी के घर पहुंचकर आत्महत्या का प्रयास किया। लड़की के प्रेमी ब्रजेश कुशवाह ने बताया कि वह नरवर जा रहा था। सतनवाड़ा ही पहुंचा था कि लड़की का फोन आया और कहने लगी कि मैं तुम्हारे घर जा रही हूं और तुम नहीं आए तो मर जाऊंगी। वह अपने साथ मरने के लिए कैंची भी लेकर आई थी।

इसके बाद मैंने अपने दोस्त को फोन किया और कहा कि घर पहुंचे और देखे क्या हो रहा है। उस समय घर में सिर्फ मेरे पिता मौजूद थे। इसके बाद लड़की बेसुध होकर गिर गई। उसके पिता को फोन किया और वे आकर उसे जिला अस्पताल ले आए। इसके बाद ब्रजेश भी अपने दोस्त के साथ हॉस्पिटल पहुंच गया। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था और लड़की के घरवाले अलग जाति होने के कारण शादी को राजी नहीं थे।

डिप्रेशन की लेती थी दवाएं, बेहोशी में सब्जी का किया जिक्र
पुलिस पूछताछ में लड़की के स्वजनों ने बताया कि वह अक्सर डिप्रेशन में रहती थी। वह डिप्रेशन की दवाएं भी लेती थी। हालांकि अभी प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग का ही हैै। लड़के ने भी यह बात स्वीकार की थी कि उनके बीच संबंध था। जब लड़की को थोड़ी देर के लिए होश आया तो उससे आत्महत्या का कारण पूछा तो उसने रजिस्टर में सब्जीवाले द्वारा कुछ खाने को देने का जिक्र किया। हालांकि वह स्पष्ट नहीं लिख पाई। बेहोशी में भी वह कई बार सब्जी का जिक्र कर रही थी।

स्ट्रेचर पर ले जाने कोई नहीं मिला, परिजनों ने उठाकर एंबुलेंस में रखा
इमरजेंसी भी जिला चिकित्सायल की लापरवाही नजर आई। लड़की की हालत बिगड़ रही थी और यहां इलाज करने के बजाए उसे रैफर कर दिया गया। ग्वालियर ले जाने जब एंबुलेंस आई तो स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए स्टाफ का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। लड़की के स्वजन उसे गोद में उठाकर एंबुलेंस तक लेकर गए।