राजनैतिक रूप से वैश्य समाज सभी दलों द्धारा उपेक्षा का शिकार हो रहा हैः वैश्य समाज - Shivpuri News

शिवपुरी। समाज में हर दृष्टि से वैश्य समाज प्रभावशाली है। लेकिन राजनैतिक रूप से वैश्य समाज सभी दलों द्वारा उपेक्षा का शिकार हमेशा रहा है और यहां तक कि नगरीय निकाय चुनाव में भी वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देने में विभिन्न दल संकोच करते हैं। जबकि नगरीय क्षेत्र में वैश्य समाज का एक अपना वर्चस्व है। 

नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है और राजनैतिक दलों को इस पद हेतु वैश्य समाज की महिला को टिकट देना चाहिए। उक्त उदगार वैश्य महासम्मेलन के जिला सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने व्यक्त किए। 

जिला सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में वैश्य महासम्मेलन के युवा प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता प्रिंस उपस्थित थे। जबकि अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि की भूमिका प्रदेश मंत्री भरत अग्रवाल नरियल वाले,देवेंद्र जैन खतौरा ने निर्वहन की। मंचासीन लोगों में जिला प्रभारी अजीत अग्रवाल ठेईयाए सिद्धार्थ लढ़ा और वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष चैधरी हरिओम जैन भी मौजूद थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारवार्ता का भी आयोजन किया गया। 

जिला सम्मेलन में मुख्य अतिथि राजकुमार गुप्ता प्रिंस ने अपने उदबोधन में वैश्य समाज के संगठन और शक्ति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैश्य वर्ग एकजुट नहीं हो पाता। जिसके कारण राजनैतिक रूप से उसे नुकसान उठाना पड़ता है। वैश्य समाज की राजनैतिक भागीदारी बढ़े इसके लिए आवश्यक है कि हम सब एकसूत्र में बंधे और अपनी संगठन क्षमता और शक्ति का प्रदर्शन करें। 

उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही प्रदेश मेें नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं और नगरीय निकाय तथा पंचायत चुनावों में वैश्य समाज की सहभागिता के लिए आवश्यक है कि हम एक झंडे के नीचे अपने आप को खड़ा करें। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही हमें यहां दो से तीन दिनों का प्रवास करना पड़े। 

लेकिन पूरे जिले में हम वैश्य महासम्मेलन की कार्यकारिणी बनाकर संगठन को मजबूत अवश्य करेंगे और उसी सशकतता से राजनैतिक दलों मेें वैश्य समाज को नगरीय निकाय तथा पंचायत चुनाव में प्रतिनिधित्व देने के लिए दबाव पड़ेगा और राजनैतिक पार्टियां हमारे इस संगठन को देखकर वैश्य उम्मीदवार को नकारने का दुष्साहस नहीं कर पाएंगे। 

स्थानीय छत्री रोड़ स्थित प्रेम बिला परिसर में आयोजित इस जिला सम्मेलन में मथुरा प्रसाद गुप्ता,जिनेंद्र कुमार जैन,राकेश जैन,भरत अग्रवाल,रमन अग्रवाल और संगठन के जिलाध्यक्ष हरिओम जैन आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 

वैश्य समाज की महिलाएं नपाध्यक्ष पद हेतु अपनी दावेदारी अवश्य जताएं 

वैश्य समाज की महिलाएं पढ़ी लिखीए योग्यए शिक्षितए बुद्धिमान और नेतृत्व क्षमता सम्पन्न होती हैं। लेकिन संकोचवश वह राजनैतिक रूप से आगे नहीं आती हंै। इससे न केवल वैश्य समाज बल्कि समाज और राजनीति का भी नुकसान होता है। जिससे अक्षम लोग सत्तासीन हो जाते हैं। 

उक्त उदगार व्यक्त करते हुए प्रदेश मंत्री भरत अग्रवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने वैश्य समाज की महिलाओं को आव्हान किया कि वह आगे आएं और जिस राजनैतिक दल मेें उनका भरोसा हैए उसका टिकट हांसिल करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास करें तथा अपनी दावेदारी अवश्य जताएं। 

प्रदेश मंत्री भरत अग्रवाल ने घोषणा की कि वैश्य महासम्मेलन ही नहीं बल्कि वैश्य समाज से कोई भी महिला जो भले ही आर्थिक रूप से कमजोर होए यदि राजनैतिक दल से सम्बद्ध होकर नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट ले लेती है तो उसके लिए वह तन.मन धन से समर्पित होकर कार्य करेंगे और उसे विजयी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उनकी इस घोषणा का तालियों की गढगड़ाहट के साथ स्वागत किया गया। 

वैश्य महासम्मेलन की महिला कार्यकारिणी गठित, जिलाध्यक्ष बनी रेणू

वैश्य महासम्मेलन की बैठक में जब यह जानकारी प्रदेश पदाधिकारियों के समक्ष आई कि वैश्य महासम्मेलन की वर्तमान महिला जिलाध्यक्ष सक्रिय नहीं है और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह समय नहीं दे पा रही है तो सर्वानुमति से रेण्ूा अग्रवाल को वैश्य महासम्मेलन की महिला ईकाई का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। महामंत्री के पद पर श्रीमति विनीता जैन और मधु मित्तल को मंत्री बनाया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों को माल्यापर्ण कर स्वागत किया गया।