जन्म से अंधा था यूनिस खांनः डाॅ गिरीश चतुर्वेदी ने किया सफल ऑपरेशन, अब दिखाई देने लगा - Shivpuri News

शिवपुरी। कहते है कलयुग में डाॅक्टर भगवान का रूप होते हैं,यह बात कहने की साथ सार्थक भी हुई हैं शिवपुरी में। जंमाध जन्म से अंधा 14 वर्षीय यूनिस की आंखो का आपरेशन डाॅ,गिरीश चतुर्वेदी ने सफल आपरेशन किया। अब उसे दिखाई देने लगा हैं। इस आपरेशन के कारण ऐसे कई बच्चो को रोशनी मिलने की उम्मीद हैं जो जन्म के समय से मोतियाबिंद के कारण व्लाईंड हो चुके हैं। 

जानकारी के अनुसार मां की कोख से तीन भाइयों को जन्मजात मोतियाबिंद है। पिता भी दिव्यांग होने के कारण कहीं से कोई उम्मीद नहीं रही तो किसी ने चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर पर सूचना दे दी। चाइल्ड हेल्प लाइन शिवपुरी की टीम मौके पर पहुंची और बातचीत कर सारी जानकारी ली। 

टीम के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ गिरीश चतुर्वेदी से संपर्क किया। आंखों की जांच के बाद एक बच्चे यूनिस खान की एक आंख का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन हो गया है। जिससे बच्चे को अब ठीक से दिखाई देने लगा है। जल्द ही दूसरी आंख का भी ऑपरेशन की तैयारी चल रही है।

यूनिस उम्र 14 साल पुत्र रहीश खान निवासी गोशाला बस्ती शिवपुरी के बारे में किसी ने चाइल्ड हेल्प लाइन पर सूचना दी थी। चाइल्ड लाइन टीम के सदस्य विनोद परिहार और संगीता चव्हाण घर पहुंचे और बातचीत की। 

विनोद परिहार ने बताया कि जानकारी लेने से पता चला कि यूनिस के साथ.साथ उसके 17 साल के बड़े भाई और 12 साल के छोटे भाई अंसार खान को भी मोतियाबिंद की शिकायत है। यही हीं उनकी मां को भी बचपन से बहुत ही कम दिखाई देता है। जबकि पिता रहीश खान पैरों से दिव्यांग है। 

बीपीएल राशन कार्ड तक नहीं है, जिससे उचित मूल्य दुकान से गेहूं.चावल तक नहीं मिलता। किसी तरह जीवन गुजर रहा है। यूनिस को जिला अस्पताल शिवपुरी लाकर डॉ गिरीश चतुर्वेदी को दिखाया और फिर मोतियाबिंद ऑपरेशन की रूपरेखा बनाई।

ऑक्यूपेशनल थेरेपी देंगे, ताकि और बेहतर दिखे

पैदाइशी बीमारी की वजह से बच्चे को मोतियाबिंद है। आंख भी छोटी होने की वजह से लैंस नहीं मिल पा रहा था। लैंस बनवाने में बीस दिन का वक्त लग गया। 

11 जनवरी को ऑपरेशन कर लैंस डाल दिया है। अब ऑक्यूपेशनल थेरेपी भी देंगे, ताकि और भी बेहतर दिखाई दे। इसके बाद उसके दोनों भाईयों का भी ऑपरेशन करेंगे। 
डॉ गिरीश चतुर्वेदी, नेत्र रोग विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज शिवपुरी

आंख की रोशनी लौटने से यूनिस का चेहरा खुशी से खिला

एक आंख का सफल ऑपरेशन होने के बाद यूनिस खान का चेहरा खुशी से खिल उठा है। अब दूसरा लैंस डालने की तैयारी की जा रही है। एक महीने बाद यूनिस को दोनों आंखों से दिखाई देने लगेगा। 

यूनिस की मौसी व मौसी के बच्चों को भी यही बीमारी है। लेकिन यूनिस का ऑपरेशन होने से उसकी मां भी खुश है। मां कहती है कि मुझे ऑपरेशन नहीं करानाए बस मेरे बच्चों की रोशनी लौट आए।