लुकवासा में गिट्टी भसुआ खरीदने से पहले सावधान! खुलेआम मिला रहे है मिट्टी - kolaras News


मोहन जाटव लुकवासा। अगर आप लुकवासा क्षेत्र के आसपास रहते हैं और खरीदारी के लिए अगर लुकवासा बाजार का उपयोग करते हैं तो भूलकर भी लुकवासा से गिट्टी भसुआ एवं सीमेंट की दुकानों से सामान ना खरीदें।

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमारे पास पुष्ट सूत्रों से जानकारी है कि गिट्टी भसुआ के फडों पर मदनपुर के जंगल से लाया हुआ भसुआ मिलाकर बेचा जाता है। अमूमन एक नया व्यक्ति जो अपने सपनों को सजाने के लिए घर बनाने के लिए अच्छे से अच्छी सामग्री का इस्तेमाल करना चाहता है।

मगर उसको आंखों में धूल झोंक कर लुकवासा के यह गिट्टी भसुआ के फड़ों पर जबरदस्त तरीके से चुना लगाया जा रहा है हालत यह है कि जो रेत करेरा ,चंबल एवं झांसी से लाई जाती है उस रेत की कीमत 5000 से ऊपर की एक ट्रॉली है।

वही मदनपुर के जंगलों से लाए गए भसुआ की कीमत मात्र 2000 इस तरह से यह जंगल के भसुआ को मिलाकर 4000 में ट्रॉली एक गरीब आदमी को थमा देते हैं। जिस कारण से मकान बनाने वाले व्यक्ति को ऐसा लगता है कि मुझे सस्ता सामान मिल गया है मगर जब उसका मकान बन कर तैयार होता है तो मकान में सभी जगह दरार आ जाती है।

घर में पानी बैठने लगता है छत मजबूत नहीं बन पाती है जिसका परिणाम यह होता है कि जिंदगी भर की जमा पूंजी इकट्ठा करके जो मकान बनाया गया है वह कुछ ही सालों में धराशाई हो जाता है।

इसलिए इस समाचार के प्रकाशन का उद्देश इतना है कि प्रशासन जो आंखों में गहरी नींद ली हुए बैठा है वह जागे तथा एक गरीब आदमी के जिंदगी भर की जमा पूंजी को जोड़कर जो मकान बनाने के लिए इखट्टा करता है को लूटने से बचाया जा सके तथा खराब माल की उपयोग से जब मकान धराशाई होता है तो स्वाभाविक रूप से उसमें जान जाने का खतरा भी बना रहता है।

इसलिए आप सभी से शिवपुरी समाचार की अपील है कि लुकवासा के बाजार में ईंट गिट्टी ,भसुआ के फडों पर जंगल से मिलाए गए भसुआ को ना खरीदे तथा अपने सपनों के घर को मजबूत बनाएं।