500 आवेदन 8 साल से चक्कर, परन्तु सुनवाई नही: इलाज के अभाव में आत्मत्या की मांग - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर जिला कलेक्ट्रट मे आज मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई से आ रही हैं कि एक रिटायर्ड बैंककर्मी ने ईच्छा मृत्यू की मांग करते हुए आवेदन सौंपा हैं,कारण रिटायर्ड बैंक कर्मी ने बताया है कि मैने 500 आवेदन अपने फंड रिलीज करवाने के लिए दे चुका हूं,8 साल से चक्कर लगा रहा हूं,लेकिन मेरा फंड रिलीज नही हुआ हैं अब मैं ईच्छा मृत्यू की मांग करता हूं। 

उक्त आवेदन रिटायर्ड बैंक कर्मी महेश दत्त शर्मा पुत्र श्री रामप्रसाद शर्मा ईडब्ल्यू.एस . / 70 . इन्द्रा नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ने दिया हैं। कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में आवेदन देते हुए मीडिया को बताया कि मैं पिछले आठ साल से अपने अधिकार के लिए जंग लड रहा हूं। 

मैने 31 मार्च 2012 को सेवानिवृत्त हो चुका हूं। किन्तु 8 वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी आज तक प्रार्थी की रिक्योरिटी डिपोजिट एवं बीमा की राशि 1,17,555 रू . प्रार्थी को भुगतान नहीं की गयी है प्रार्थी द्वारा जनसुनवाई जिलाधीश महोदय एवं सी.सी.बी. शिवपुरी के महा प्रबंधक को लगभग 500 प्रार्थना पत्र भुगतान हेतु दिये गये हैं लेकिन मान महाप्रबंधक महोदय सी.सी.बी. द्वारा आज तक प्रार्थी की राशि भुगतान नहीं की गयी है प्रार्थी वृद्ध हो गया है एवं कई बीमारियों से ग्रसित है । 

अतः प्रार्थी द्वारा माननीय राष्ट्रपति महोदय,माननीय प्रधानमंत्री महोदय, माननीय राज्यपाल महोदय, माननीय मुख्यमंत्री महोदय , माननीय सहकारिता मंत्री महोदय , एवं महाप्रबंधक एपेक्स बैंक भोपाल को भी रजिस्टर्ड आवेदन पत्र प्रेषित किये गये हैं । परंतु 8 वर्षों में भी कोई सुनवाई नहीं की गयी है । 

अतः इच्छा मृत्यु ( आत्म हत्या ) करने की स्वीकृति भी नहीं दी गयी है अतः ऐसी स्थिति में प्रार्थी आगामी मंगलवार को पैसों एवं इलाज कराने के अभाव में इच्छा मृत्यु ( आत्म हत्या ) कर लेगा । जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी बैंक प्रशासन सी.सी.बी. की होगी । प्रार्थी द्वारा समस्त बैंकों द्वारा नोड्यूज प्राप्त कर लिये हैं।

सरकारी अधिकारियो से दुखी रिटायर्ड बैंक कर्मी ने बताया कि पिछले वर्ष अचानक मेरा बीपी हाई होने के कारण मुझे चक्कर आए और मैं गिर गया जिससे मेरी रीड की हड्डी में चोट आ गई जिस कारण मेरा दिल्ली में आपरेशन हुआ। 

वर्तमान में चल फिर नही सकता हैं। दो आदमी मुझे पकड कर चलाते हैं,ऐसी स्थिती में भी मेरा पैसा अटकाया जा रहा हैं,मुझे मेरे ईलाज के लिए पैसो की जरूरत हैं। इस कारण मुझे सरकार से ईच्छा मृत्यू की मांग करनी पडी।