फायनेंस कम्पनी का ऋण न चुकाने वाले को 3.50 लाख रूपए का जुर्माना व एक वर्ष का कारावास

शिवपुरी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेड अजय रामाबत ने चैक बाउंस के मामले में ऋणी पर साढ़े 3 लाख रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया है और एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय श्रीराम फायनेंस कम्पनी द्वारा चैक बाउंस के मामले में सुनाया है। परिवादी की ओर से पैरवी एडवोकेट पंकज जैन एवं पवन शर्मा द्वारा की गई।

परिवादी की ओर से दायक प्रकरण में बताया गया था कि विशन सिंह यादव पुत्र हरलाल सिंह निवासी रेंज घाट बदरवास ने एक ट्रेक्टर श्रीराम ट्रांसपोर्ट फायनेंस कम्पनी से फायनेंस कराया थाए इसके एवज में ऋणी ने कम्पनी को एक चैक दिया था।

जिसे कम्पनी ने अदायगी हेतु बैंक में लगाया तो बैंक ने चैक पर्याप्त राशि न होने के चलते वापस कर दिया। चैक बाउंस होने पर विशन सिंह यादव को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद भी विशन सिंह ने लोन की राशि जमा नहीं की। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली और न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा निर्धारण की।