शिवपुरी। लगातार शहर में स्मैक का नशा सिर चढकर बोल रहा है। शहर की नवयुवती शिवानी शर्मा की मौत के बाद पहले तो प्रशासन ने शक्त दिखाई। परंतु समय रहते पुलिस कमजोर हुई और स्मैक के कारोबारी अपने कारोबार को बढाते गए। देखते ही देखते स्मैक की जडे अब शहर को छोडकर ग्रामीण अंचल में भी पहुंच गई और आज फिर स्मैक के नशे ने एक युवक की जान ले ली।
जानकारी के अनुसार दतिया में पदस्थ पिछोर निवासी राजेंद्र शर्मा के पुत्र सौरभ शर्मा ने स्मैक के नशे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद स्मैक को लेकर पिछोर में मामला गरमा गया है और पुलिस पर सवालिया निशान उठने शुरू होने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई न हो पान के कारण क्षेत्र में स्मैक की खैप पहुंच रही है। जिससे युवाओं का भविष्य बर्बाद होने के साथ-साथ जाने भी जा रही हैं।
बताया जाता है कि आत्महत्या से पूर्व मृतक सौरभ शर्मा का किसी से विवाद हुआ था। जिसकी रिपोर्ट डलवाने की बात उसने अपनी मां से कही थी। लेकिन मां ने रिपोर्ट डालने से इंकार कर दिया। जिससे वह नाराज होकर परिवारजनों को मरने की धमकी देकर वह अपने कमरे में चला गया और उसने फांसी लगा ली।
दतिया में पदस्थ हैं एसआई पिता
पिछोर के रहने वाले एसआई राजेंद्र शर्मा दतिया जिले में पदस्थ हैं। पिछोर में परिवार रहता है लेकिन बेटे सौरभ को लगी स्मैक की लत ने पूरे परिवार की शांति भंग कर दी। बताया जा रहा है कि एक-दो बार घर वालों ने ही आगे आकर धारा 151 के तहत सौरभ को बंद कराया। इसके बाद भी उसने स्मैक का नशा करना नहीं छोड़ा।
पिछोर में ऐसे कितने और युवा स्मैक की जकड़ में हैं, उनके माता-पिता को आगे आकर पुलिस के सामने हकीकत बताना होगी ताकि स्मैक बेचने वाले पकड़े जा सकें, तभी युवाओं की जिंदगी बचाई जा सकती है।
वहीं इस मामले में पिछोर थाना प्रभारी श्याम सिंह जादौन का कहा है कि युवक स्मैक का नशा करता था। मां का कहना है कि सौरभ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कह रहा था। मना कर दिया तो कमरे में जाकर फांसी लगा दी। मर्ग कायम कर मामला विवेचना में ले लिया है।

