शिवपुरी। आपके शिवपुरी कलेक्ट्रेट आने से कम से कम 9 महीने बाद यहां हमसे आवेदन तो लिए गए। वरना अब तक हम अपने आवेदन को बाहर रखे जनसुनवाई के डब्बे में डाल जाते थे और प्रशासन के लोग उसे कचरे का डिब्बा समझकर कोई सुनवाई नहीं करते थे । पहली बार आपके आने से मंगलवार को जनसुनवाई हुई और डिप्टी कलेक्टर ने चेंबर में बैठकर आवेदकों से आवेदन लिए ।
यह बात पिछोर से शिकायत लेकर आए आवेदक हल्कू आदिवासी ने अपनी परेशानी बताते हुए कही। उसने कहा कि वह कई बार जनसुनवाई में डिब्बे में आवेदन डाल गया लेकिन आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। पहली बार कलेक्ट्रेट में मार्च के बाद यानी पूरे 9 महीने बाद जनसुनवाई आवेदन डिप्टी कलेक्टर ने लिए। जिससे उसे उम्मीद है कि उसके आवेदन पर सुनवाई होगी।
3 साल के बेटे के दिल में छेद , अब तक उपचार से वंचित, आर्थिक सहायता दिला दोः
शहर की विवेकानंद कॉलोनी में निवासरत दीपक चौरसिया अपने बेटे विशाल चौरसिया के साथ कलेक्ट्रेट आए और उन्होंने शिकायती आवेदन देते हुए कहा कि 1 साल से वह बेटे की बीमारी से परेशान हैं, उसके दिल में छेद हैं, जिसका इलाज भोपाल के किसी निजी अस्पताल में चल रहा हैं। जहां से एक आवेदन उसे दिया गया हैं।
प्रशासन इसकी भरपाई कर दे तो उसे इलाज में सुविधा मिल जाएगी। वह कई बार सीएमएचओ कार्यालय के चक्कर लगाकर आवेदन जमा करा चुका है , लेकिन आज तक उसे सहायता नहीं मिली।इस वजह से परेशान होकर वह अपना आवेदन जनसुनवाई में लगाने आया है । डिप्टी कलेक्टर ने युवक का आवेदन लेकर आवेदन कार्रवाई के लिए सीएमएचओ को मार्क कर दिया ।
2 साल होने को आए लेकिन पली की मौत का मुआवजा आज तक नहीं मिला : बलराम राजपूत अपनी पत्नी सुनीता कि 22 मार्च 2019 को हार्ट अटैक से हुई मौत के बाद मौत के मुआवजे की मांग के साथ कई बार आवेदन नगर पालिका और अन्य जगह लगा चुके हैं, लेकिन आज तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कांकर निवासी बलराम राजपूत ने बताया कि उसका श्रमिक पंजीयन कार्ड है और गरीब मजदूर है , लेकिन आज तक उसे पत्नी की मौत का 19 महीने बाद भी दो लाख का भुगतान नहीं हुआ है । उसने आवेदन देकर जल्द सहायता राशि देने की गुहार लगाई।
20 साल से पानी को परेशान आज तक लाइन नहीं जोड़ी , पानी भरने कहां जाएं
शहर के मोती बाबा और हरिजन बस्ती स्थित वार्ड 30 के वाशिंदे समूह में एकत्रित होकर मंगलवार को जनसुनवाई के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने शिकायती आवेदन देकर कहा कि पिछले 15-20 साल से वह पानी के लिए परेशान हैं और दूसरी कॉलोनियों में जाकर कट्टी से पानी भरते हैं।
यदि मोती बाबा के पास बनी पानी की टंकी से उनकी लाइन को जुड़वा दिया जाए तो वह पानी की समस्या से निजात पा सकते हैं।इस संबंध में कई बार नगर पालिका को भी आवेदन दिया। सीएमओ से भी कहा , लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की । इस वजह से आज मजबूर होकर जनसुनवाई में आवेदन देने आए हैं। महीने भर बाद पानी की किल्लत और ज्यादा तेज हो जाएगी ।
आंखों से दिखाई नहीं देता , दबंगों ने पाटौर पर कब्जा जमा लिया
शहर के शिव शक्ति नगर में रहने वाली सिया बाई शर्मा अपने भाई और भतीजे के साथ जनसुनवाई में पहुंची । आंखों से दिव्यांग होने के बावजूद वह अपनी परेशानी बताते हुए बोली कि वह लंबे अरसे से अपने भाई और भतीजे के साथ उनके यहां रह रही है । शिव शक्ति नगर में ही उसकी 26 बाय 16 की एक पाटौर है जिस पर दबंगों का कब्जा है।
जब इस कब्जे को हटाने की बात कहते हैं तो दबंग कहते हैं कि उनका भाई इनामी डकैत है।उन से कहकर कुछ भी करवा सकते हैं। हालांकि इस मामले की शिकायत हमने एसपी ऑफिस में भी की और थाने में भी आवेदन दिया, लेकिन कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई । इस वजह से परेशान होकर जनसुनवाई में आवेदन देने अपने भतीजे और भाई को लेकर आई हूं।

