कोरोना से हेल्थ असिस्टेंट की मौत: कोरोना जगत में 1 साल पूर्व आया है, लेकिन मृतका पिछले 8 साल से होम क्वारंटाइन थी - Shivpuri News

शिवपुरी। खबर जिले के जिला अस्पताल के आईशोलेशन वार्ड से आ रही हैं कि वार्ड में भर्ती कोरोना की एक पॉजीटिव वृद्ध महिला की मौत हो गई। बताय जा रहा हैं कि महिला के परिजन या रिश्तेदार अस्पताल में मौजूद नही था। कोविड 19 के नियामनुसार नपा के कर्मचारियों ने अंत्येष्टि कर दी। इस खबर में कोरोना विलेन हैं लेकिन उससे भी बडा विलेन कोई ना की बीमारी थी। यह वृद्ध महिला रिटायर्ड हेल्थ असिस्टेंट थी। खबर कवर करते समय बडी ही दर्दनाक कहानी इस महिला की रही हैं। आईए इस महिला को कोरोना ने मरा हैं या कोई ना समाजिक बीमारी है। 

हम पाठको को बता दे की कोरोना की बात की जाती हैं तो समाजिक दूरी जैसा शब्द उपयोग में होता हैं इस महिला की मौत भी समाजिक दूरी जैसी बीमारी से हुई हैं। कोरोना अपने अस्तिव में लगभग 1 साल पूर्व आया हैं लेकिन इस महिला के जीवन में एक समाजिक दूरी जैसी बीमारी कोई ना 8 साल पूर्व ही आ गई थी। यह पिछले 8 साल से होम क्वारंटाइन में थी,समाजिक होने के नाते यह खबर हम सभी को पढनी चाहिए। 

अब पहले खबर की ओर चलते हैंं 

गुना से रैफर कोरोना पॉजिटिव रिटायर्ड हेल्थ असिस्टेंट पार्वती बाई उम्र 62 साल पत्नी जय सिंह की मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई।गुना से रैफर होकर 19 नंवबर को जिला अस्पताल शिवपुरी भर्ती किया था,जहां हालत गंभीर होने पर कोविड आईसीयू वार्ड में रखा था। मौत के बाद डॉक्टर व स्टाफ ने परिजन व रिश्तेदारों को ढूंढा,कोई नहीं मिला तो पर्चे देखने से एक नंबर मिला संपर्क किया तो सुदामा शर्मा नाम के व्यक्ति ने कहा कि मृतका हमारी बहन हैं, लेकिन हमारे परिवार का उनसे कोई नाता नहीं रहा है । 

लव मैरिज बनी परिवार से दूरी का कारण 

गुना निवासी सुदामा से बातचीत के बाद पता चला कि पार्वती बाई शर्मा लेडी हेल्थ असिस्टेंट ( एलएचवी ) के पद रहीं हैं। गुना के साथ-साथ चांचौड़ा,बीनागंज और बमौरी में सेवाएं दीं। पार्वती ने घर वालों के विरुद्ध जाकर दूसरे समाज में जयसिंह सोलंकी से शादी कर ली। इस वजह से परिवार से जीवनभर के लिए नाता टूट गया। इसके बाद पति,फिर इकलौती बेटी की मौत होने से मानसिक संतुलन खराब हो गया। सात-आठ साल ड्यूटी पर नहीं जा सकी। खुद को संभाल ड्यूटी पर आना चाहा तो विभाग के अधिकारियों ने रोडे अटका दिए। उम्र हो जाने पर बिना पेंशन स्वीकृत किए रिटायरमेंट भी दे दिया। तमाम आग्रह और गिड़गिड़ाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के बाबू और अफसरों का मन नहीं पसीजा। आर्थिक तंगी के बीच अकेले ही बुढ़ापा बिता रहीं थीं। 

परिवार से कई सालों तक दूरियां रहीं। इस बीच किसी ने छोटे भाई के बारे में बताया तो पार्वती बाई मिलने पहुंची। एक माह पहले मिलीं तो भाई ने दयनीय स्थिति देखकर मदद शुरू कर दी। रिटायरमेंट का पैसा और पेंशन शुरू कराने आवेदन दिया,इस बीच बीमार हो जाने पर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां कोरोना संक्रमित होकर शिवपुरी आ गईं। इस तरह जीवन का अंत हो गया। बताया जा रहा है कि बेटी की शादियों की तैयारियों के चलते भाई शिवपुरी नहीं आया।

कुल मिलाकर कहने का सीधा अर्थ हैं कि कोरोना को लेकर कोविड 19 के नियम सरकारी हैं कि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजीटिव हैं उससे दूरी तो बनानी हैं साथ में इस समय इस बीमारी से लडने के लिए एक नारा दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी आपने अवश्य सुना होगा। लेकिन इस मृतिका की मानिसिक स्थिती खराब हुई तो परिवार के साथ-साथ समाज ने भी इससे समाजिक दूरी बना ली। 

ना जाने कितने मरिजो की सेवा करने वाली मृतिका की जीते जी किसी ने सेवा नही की। इस रिटायर्ड हेल्थ अस्टिेंट की मौत का कारण कोरोना अवश्य हैं लेकिन पिछले 8 साल जो यह तिल-तिल कर मर रही थी वह बीमारी 8 साल पहले कोई ना आ गई थी इससे समाज ने इससे दूरी बना ली थी और अकेले ही रह रही थी,अगर कोविड 19 की भाषा में बात करे तो होम क्वारंटाइन पिछले 8 साल से थी। 

इनका कहना हैं
कोविड आईसीयू में भर्ती 62 साल की महिला की मौत हो गई थी । मौके पर कोई परिजन नहीं था। हमने मोबाइल नंबर पर बात की तो व्यक्ति ने महिला से नाता ना होने की बात कही। कलेक्टर से बातचीत के बाद हमने नपा को सूचना देकर मुक्तिधाम पर अंत्येष्टि करा दी हैं। 
डॉ.केबी वर्मा,अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज शिवपुरी